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भगवान शिव (रुद्र), पूजा विधि

रुद्राभिषेक विधि

रुद्राभिषेक की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में रुद्राभिषेक करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान शिव (रुद्र)
अवधि3–4 घंटे
शुभ समयप्रदोष (चंद्र पक्ष की 13वीं तिथि)

अंतिम अपडेट: 18 मई 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

रुद्राभिषेक, चरण दर चरण विधि

  1. 1

    स्नान करके शुद्ध हों

  2. 2

    वेदी पर शिवलिंग स्थापित करें

  3. 3

    गणेश पूजा से आरंभ करें

  4. 4

    श्री रुद्रम् का पाठ करते हुए प्रत्येक पवित्र द्रव्य शिवलिंग पर चढ़ाएं

  5. 5

    बेलपत्र, भस्म और धतूरा अर्पित करें

  6. 6

    शिव आरती और महामृत्युंजय मंत्र से समाप्त करें।

रुद्राभिषेक के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

रुद्राभिषेक के लाभ

ग्रहों के दुष्प्रभाव दूर होते हैं, रोगों से मुक्ति मिलती है, भय और चिंता दूर होती है, मोक्ष की प्राप्ति होती है, सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

FAQ, रुद्राभिषेक विधि

प्र.क्या रुद्राभिषेक घर पर की जा सकती है?

हाँ, रुद्राभिषेक घर पर की जा सकती है।

प्र.रुद्राभिषेक में कितना समय लगता है?

रुद्राभिषेक में सामान्यतः 3–4 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या रुद्राभिषेक के लिए पंडित जरूरी है?

रुद्राभिषेक परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.रुद्राभिषेक का सबसे अच्छा समय क्या है?

प्रदोष (चंद्र पक्ष की 13वीं तिथि), सोमवार, महाशिवरात्रि, श्रावण मास, या श्रावण के किसी भी सोमवार।