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राहु (उत्तर चंद्र नोड), पूजा विधि

राहु पूजा विधि

राहु पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में राहु पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवताराहु (उत्तर चंद्र नोड)
अवधि1–2 घंटे
शुभ समयशनिवार राहु काल में। ग्रहण के दौरान। राहु जयंती।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

राहु पूजा, चरण दर चरण विधि

  1. 1

    शनिवार या राहु काल में करें

  2. 2

    दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुख करें

  3. 3

    देवी दुर्गा के साथ राहु की पूजा करें

  4. 4

    नीले/गहरे रंग के फूल और नारियल चढ़ाएं

  5. 5

    राहु बीज मंत्र (ॐ रां राहवे नमः) 108 बार जपें।

राहु पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

राहु पूजा के लाभ

राहु के दुष्प्रभाव कम होते हैं, अचानक झटके और भ्रम दूर होते हैं, विदेशी संबंध सुधरते हैं, दुर्घटनाओं और विवादों से बचाव होता है।

FAQ, राहु पूजा विधि

प्र.क्या राहु पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, राहु पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.राहु पूजा में कितना समय लगता है?

राहु पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या राहु पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

राहु पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.राहु पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

शनिवार राहु काल में। ग्रहण के दौरान। राहु जयंती।