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श्रीमती राधा रानी — पूजा विधि

राधा पूजा विधि

राधा पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में राधा पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवताश्रीमती राधा रानी
अवधि1–2 घंटे
शुभ समयराधाष्टमी (भाद्रपद शुक्ल अष्टमी)

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

राधा पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    राधा-कृष्ण की प्रतिमा या केवल राधा के चित्र के साथ वेदी स्थापित करें

  2. 2

    सुगंधित फूलों — विशेषकर गुलाब, परिजात और गेंदे से सजाएं

  3. 3

    ताजी तुलसी के पत्ते चढ़ाएं

  4. 4

    माखन, मिसरी और ताजे फलों का भोग तैयार करें

  5. 5

    राधा स्तोत्र, राधिका स्तव का पाठ करें या भक्ति भजन गाएं

  6. 6

    भक्तिपूर्वक राधा आरती करें

  7. 7

    "राधे राधे" या हरे कृष्ण महामंत्र का जप करें।

राधा पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

राधा पूजा के लाभ

हृदय में शुद्ध भक्ति और निःशर्त प्रेम जागृत होता है, अहंकार और घमंड नष्ट होता है, भगवान कृष्ण की कृपा सहज प्राप्त होती है, टूटे संबंध ठीक होते हैं और प्रेम-सामंजस्य आता है, काल सर्प दोष शांत होता है, मन-आत्मा को शांति मिलती है।

FAQ — राधा पूजा विधि

प्र.क्या राधा पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, राधा पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.राधा पूजा में कितना समय लगता है?

राधा पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या राधा पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

राधा पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.राधा पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

राधाष्टमी (भाद्रपद शुक्ल अष्टमी), प्रत्येक गुरुवार, जन्माष्टमी और एकादशी।