माँ दुर्गा (नौ स्वरूप) — शुभ मुहूर्त
नवरात्रि पूजा मुहूर्त
नवरात्रि पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त जानें — तिथि, वार, नक्षत्र और राहुकाल की जानकारी।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग
नवरात्रि पूजा का शुभ समय
चैत्र नवरात्रि (चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा) और शारद नवरात्रि (आश्विन मास शुक्ल प्रतिपदा)। प्रतिदिन सूर्योदय के समय पूजा करना सर्वोत्तम है।
नवरात्रि पूजा मुहूर्त के कारक
तिथि
पूर्णिमा, एकादशी, चतुर्थी और अष्टमी पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती हैं। अमावस्या पर अधिकांश पूजाएं न करें।
वार (सप्ताह का दिन)
सप्ताह का प्रत्येक दिन एक ग्रह और देवता से जुड़ा है। ऊपर दिए गए शुभ समय में उचित दिन की जानकारी देखें।
नक्षत्र
रोहिणी, पुष्य, हस्त, चित्रा और रेवती नक्षत्र पूजा के लिए शुभ हैं। भद्रा और विष्कुम्भ नक्षत्र में पूजा न करें।
लग्न
स्थिर लग्न (वृष, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) पूजा के लिए शुभ हैं। ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) सार्वभौमिक रूप से शुभ है।
राहुकाल
प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का राहुकाल होता है। इस समय मुख्य अनुष्ठान न करें। अपने शहर के पंचांग में राहुकाल समय देखें।
मुहूर्त कैलकुलेटर उपयोग करें
FAQ — नवरात्रि पूजा मुहूर्त
प्र.नवरात्रि पूजा करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
चैत्र नवरात्रि (चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा) और शारद नवरात्रि (आश्विन मास शुक्ल प्रतिपदा)। प्रतिदिन सूर्योदय के समय पूजा करना सर्वोत्तम है।
प्र.क्या नवरात्रि पूजा बिना मुहूर्त देखे हो सकती है?
शुभ मुहूर्त पूजा के लाभ को बढ़ाता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है भक्ति और सही विधि। यदि मुहूर्त की जानकारी न हो तो ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) में पूजा करना सार्वभौमिक रूप से शुभ है।
प्र.अपने शहर में नवरात्रि पूजा का मुहूर्त कैसे पता करें?
हमारे मुहूर्त कैलकुलेटर टूल का उपयोग करें जो आपके शहर और तारीख के आधार पर शुभ समय बताता है। दैनिक पंचांग में भी तिथि, नक्षत्र और राहुकाल की जानकारी मिलती है।