महा देवी चामुंडा / दुर्गा (नवार्ण स्वरूप) — पूजा विधि
नवार्ण मंत्र पूजा विधि
नवार्ण मंत्र पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में नवार्ण मंत्र पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
नवार्ण मंत्र पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
नवार्ण मंत्र पूजा शुद्धिकरण से आरंभ होती है: स्नान करें, साफ लाल या सफेद कपड़े पहनें, और लाल आसन पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठें।
- 2
लाल कपड़े से ढकी साफ वेदी पर श्री यंत्र या चामुंडा यंत्र स्थापित करें।
- 3
घी का दीपक जलाएं और यंत्र पर लाल फूल (गुड़हल), कुमकुम, लाल कपड़ा और नारियल अर्पित करें।
- 4
जाप से पहले अनिवार्य प्रारंभिक अनुक्रम करें: विनियोग, ऋषि न्यास, छंदस न्यास, और देवता न्यास।
- 5
फिर कर-न्यास और अंग-न्यास करें।
- 6
लाल मूंगे या रुद्राक्ष माला पर "ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विचे" का जाप करें।
- 7
नवार्ण अनुष्ठान (1,25,000 जाप) में प्रत्येक बैठक से पहले दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- 8
देवी आरती के साथ समापन करें और कन्या पूजा (कुमारी कन्याओं को भोजन/दान) करें।
नवार्ण मंत्र पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
नवार्ण मंत्र पूजा के लाभ
नवार्ण मंत्र में महासरस्वती, महालक्ष्मी और महाकाली की संयुक्त शक्ति समाहित मानी जाती है — जिससे इसका नियमित जाप सर्वांगीण आशीर्वाद का मार्ग बनता है: सर्वोच्च ज्ञान और वाक्पटुता, प्रचुर समृद्धि और सौंदर्य, तथा सभी शत्रुओं और अंधकार से निर्भय सुरक्षा। व्यवस्थित नवार्ण जाप गहरी कर्मिक बाधाओं को दूर करता है, तमस को नष्ट करता है और कुंडलिनी शक्ति के जागरण को तीव्र करता है। नवरात्रि में 1,25,000 जाप का अनुष्ठान विशेष रूप से शक्तिशाली माना जाता है।
FAQ — नवार्ण मंत्र पूजा विधि
प्र.क्या नवार्ण मंत्र पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, नवार्ण मंत्र पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.नवार्ण मंत्र पूजा में कितना समय लगता है?
नवार्ण मंत्र पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे (दैनिक जाप); 9 दिन (1,25,000 जाप का पूर्ण नवार्ण अनुष्ठान) का समय लगता है।
प्र.क्या नवार्ण मंत्र पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
नवार्ण मंत्र पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.नवार्ण मंत्र पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
नवरात्रि — चैत्र (वसंत) और शारद (शरद) दोनों — नवार्ण जाप अनुष्ठान के लिए सर्वोच्च समय है, जहाँ पूर्ण 9-दिवसीय अवधि 1,25,000 जाप पूर्ण करने के लिए आदर्श है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पूजा के सबसे शक्तिशाली दिन हैं, जिनमें निशीथ काल (मध्यरात्रि) सबसे शक्तिशाली समय है। वर्ष भर शुक्रवार और मंगलवार साप्ताहिक नवार्ण जाप के लिए शुभ हैं। देवी मंदिर उत्सव — विशेष रूप से कामाख्या (असम), वैष्णो देवी (जम्मू) और विंध्यवासिनी (मिर्जापुर) में — वार्षिक नवरात्र उत्सव के दौरान साधकों द्वारा गहन नवार्ण जाप का दृश्य प्रस्तुत करते हैं।