भगवान नरसिंह (विष्णु के नर-सिंह अवतार) — शुभ मुहूर्त
नरसिंह पूजा मुहूर्त
नरसिंह पूजा करने का सबसे शुभ मुहूर्त जानें — तिथि, वार, नक्षत्र और राहुकाल की जानकारी।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग
नरसिंह पूजा का शुभ समय
नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी) सबसे पवित्र दिन है। प्रदोष (13वीं चंद्र तिथि का संध्याकाल), चतुर्दशी और शनिवार भी शुभ हैं। संध्याकाल प्रदोष काल उनके प्रकटन के समय को प्रतिबिंबित करता है।
नरसिंह पूजा मुहूर्त के कारक
तिथि
पूर्णिमा, एकादशी, चतुर्थी और अष्टमी पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती हैं। अमावस्या पर अधिकांश पूजाएं न करें।
वार (सप्ताह का दिन)
सप्ताह का प्रत्येक दिन एक ग्रह और देवता से जुड़ा है। ऊपर दिए गए शुभ समय में उचित दिन की जानकारी देखें।
नक्षत्र
रोहिणी, पुष्य, हस्त, चित्रा और रेवती नक्षत्र पूजा के लिए शुभ हैं। भद्रा और विष्कुम्भ नक्षत्र में पूजा न करें।
लग्न
स्थिर लग्न (वृष, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) पूजा के लिए शुभ हैं। ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) सार्वभौमिक रूप से शुभ है।
राहुकाल
प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का राहुकाल होता है। इस समय मुख्य अनुष्ठान न करें। अपने शहर के पंचांग में राहुकाल समय देखें।
मुहूर्त कैलकुलेटर उपयोग करें
FAQ — नरसिंह पूजा मुहूर्त
प्र.नरसिंह पूजा करने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
नरसिंह जयंती (वैशाख शुक्ल चतुर्दशी) सबसे पवित्र दिन है। प्रदोष (13वीं चंद्र तिथि का संध्याकाल), चतुर्दशी और शनिवार भी शुभ हैं। संध्याकाल प्रदोष काल उनके प्रकटन के समय को प्रतिबिंबित करता है।
प्र.क्या नरसिंह पूजा बिना मुहूर्त देखे हो सकती है?
शुभ मुहूर्त पूजा के लाभ को बढ़ाता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है भक्ति और सही विधि। यदि मुहूर्त की जानकारी न हो तो ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) में पूजा करना सार्वभौमिक रूप से शुभ है।
प्र.अपने शहर में नरसिंह पूजा का मुहूर्त कैसे पता करें?
हमारे मुहूर्त कैलकुलेटर टूल का उपयोग करें जो आपके शहर और तारीख के आधार पर शुभ समय बताता है। दैनिक पंचांग में भी तिथि, नक्षत्र और राहुकाल की जानकारी मिलती है।