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देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी — पूजा विधि

ललिता सहस्रनाम पाठ विधि

ललिता सहस्रनाम पाठ की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में ललिता सहस्रनाम पाठ करने की सही वैदिक विधि।

देवतादेवी ललिता त्रिपुरसुंदरी
अवधि45–60 मिनट (एकल पाठ)
शुभ समयशुक्रवार

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

ललिता सहस्रनाम पाठ — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    स्नान से शुद्धि करें

  2. 2

    लाल आसन पर पूर्व की ओर मुख करके बैठें

  3. 3

    ललिता प्रतिमा या श्री चक्र यंत्र के सामने घी दीपक और अगरबत्ती जलाएं

  4. 4

    लाल फूल, कुमकुम और शहद अर्पित करें

  5. 5

    ललिता सहस्रनाम का प्रत्येक नाम के अर्थ पर ध्यान करते हुए धीरे पठन करें

  6. 6

    देवी आरती से समाप्त करें

  7. 7

    शुक्रवार नियमित अभ्यास के लिए सबसे शुभ दिन है।

ललिता सहस्रनाम पाठ के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

ललिता सहस्रनाम पाठ के लाभ

दिव्य माता का आशीर्वाद जीवन के सभी पहलुओं में मिलता है, सौंदर्य, बुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है, सभी दोष दूर होते हैं, वैवाहिक सद्भाव और संतान सुख मिलता है, अनेक जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

FAQ — ललिता सहस्रनाम पाठ विधि

प्र.क्या ललिता सहस्रनाम पाठ घर पर की जा सकती है?

हाँ, ललिता सहस्रनाम पाठ घर पर की जा सकती है।

प्र.ललिता सहस्रनाम पाठ में कितना समय लगता है?

ललिता सहस्रनाम पाठ में सामान्यतः 45–60 मिनट (एकल पाठ) का समय लगता है।

प्र.क्या ललिता सहस्रनाम पाठ के लिए पंडित जरूरी है?

ललिता सहस्रनाम पाठ परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.ललिता सहस्रनाम पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?

शुक्रवार, नवरात्रि, पूर्णिमा और अष्टमी। दैनिक पठन के लिए स्नान के बाद प्रातःकाल आदर्श है।