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देवी ललिता त्रिपुर सुंदरी — पूजा विधि

ललिता पूजा विधि

ललिता पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में ललिता पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवतादेवी ललिता त्रिपुर सुंदरी
अवधि1–2 घंटे
शुभ समयनवरात्रि (चैत्र और शारद दोनों) सबसे शक्तिशाली समय है। साल भर शुक्रवार

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

ललिता पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    पूर्व दिशा की ओर मुख करके स्वच्छ वेदी बनाएं

  2. 2

    ललिता की छवि के साथ श्री यंत्र स्थापित करें

  3. 3

    यंत्र पर पंचामृत अभिषेक करें

  4. 4

    लाल फूलों, कुमकुम और अगरबत्ती से सजाएं

  5. 5

    ललिता अष्टोत्तर या ललिता सहस्रनाम का पाठ करें

  6. 6

    लाल फल और दूध की मिठाई अर्पित करें

  7. 7

    ललिता आरती से समापन करें।

ललिता पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

ललिता पूजा के लाभ

दिव्य सौंदर्य और चुंबकीय व्यक्तित्व का वरदान मिलता है, प्रेम और सामंजस्यपूर्ण संबंधों की इच्छाएं पूरी होती हैं, समृद्धि मिलती है, कुंडलिनी ऊर्जा जागृत होती है, नकारात्मक कर्मों का निवारण होता है और सच्चे साधकों को मोक्ष मिलता है।

FAQ — ललिता पूजा विधि

प्र.क्या ललिता पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, ललिता पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.ललिता पूजा में कितना समय लगता है?

ललिता पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या ललिता पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

ललिता पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.ललिता पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

नवरात्रि (चैत्र और शारद दोनों) सबसे शक्तिशाली समय है। साल भर शुक्रवार, पूर्णिमा और अष्टमी तिथि आदर्श हैं। आश्विन माह श्री विद्या पूजा के लिए विशेष रूप से पवित्र है।