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भगवान श्री कृष्ण — पूजा विधि

कृष्ण पूजा विधि

कृष्ण पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में कृष्ण पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान श्री कृष्ण
अवधि1–2 घंटे
शुभ समयजन्माष्टमी (कृष्ण अष्टमी)

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

कृष्ण पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    कृष्ण प्रतिमा या चित्र स्थापित करें, यदि उपलब्ध हो तो छोटी पालकी भी रखें

  2. 2

    माखन, मिश्री, पंचामृत, तुलसी पत्ते और पीले फूल चढ़ाएं

  3. 3

    अगरबत्ती जलाएं

  4. 4

    हरे कृष्ण महामंत्र 108 बार जपें या कृष्ण अष्टकम का पाठ करें

  5. 5

    शंख के साथ आरती करें और प्रसाद बांटें।

कृष्ण पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

कृष्ण पूजा के लाभ

जीवन में आनंद और दिव्य प्रेम आता है, अहंकार और आसक्ति दूर होती है, ज्ञान और स्पष्टता मिलती है, नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है, संबंधों में सफलता मिलती है और आध्यात्मिक मुक्ति की ओर अग्रसर होते हैं।

FAQ — कृष्ण पूजा विधि

प्र.क्या कृष्ण पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, कृष्ण पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.कृष्ण पूजा में कितना समय लगता है?

कृष्ण पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या कृष्ण पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

कृष्ण पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.कृष्ण पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

जन्माष्टमी (कृष्ण अष्टमी), एकादशी, बुधवार और सोमवार, श्रावण मास में। जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि का समय सर्वोत्तम।