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माँ काली, पूजा विधि

काली पूजा विधि

काली पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में काली पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवतामाँ काली
अवधि2–4 घंटे
शुभ समयकार्तिक अमावस्या (काली पूजा उत्सव की रात)

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

काली पूजा, चरण दर चरण विधि

  1. 1

    रात को (मध्यरात्रि सबसे शुभ) करें

  2. 2

    काली प्रतिमा स्थापित करें

  3. 3

    लाल गुड़हल के फूल, लाल चंदन चढ़ाएं

  4. 4

    काली बीज मंत्र (क्रीं) का जाप करें

  5. 5

    महाकाली स्तोत्र या देवी माहात्म्य का पाठ करें

  6. 6

    गुड़ से बनी मिठाई का प्रसाद चढ़ाएं।

काली पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

काली पूजा के लाभ

नकारात्मक ऊर्जाएं और शत्रु नष्ट होते हैं, साहस और निर्भयता मिलती है, बुराई से सुरक्षा होती है, गहरे भय दूर होते हैं, मोक्ष मिलता है।

FAQ, काली पूजा विधि

प्र.क्या काली पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, काली पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.काली पूजा में कितना समय लगता है?

काली पूजा में सामान्यतः 2–4 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या काली पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

काली पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.काली पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

कार्तिक अमावस्या (काली पूजा उत्सव की रात), सभी अमावस्या की रातें, नवरात्रि (अष्टमी की रात), या मंगलवार मध्यरात्रि।