भगवान हनुमान — पूजा विधि
हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जयंती पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में हनुमान जयंती पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
हनुमान जयंती पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
स्नान के बाद सुबह जल्दी हनुमान मंदिर जाएं।
- 2
हनुमान प्रतिमा पर सिंदूर और तिल का तेल लगाएं।
- 3
लाल फूल, बूंदी के लड्डू और बेसन के लड्डू चढ़ाएं।
- 4
हनुमान चालीसा 11 या 108 बार पढ़ें।
- 5
रामचरितमानस से सुंदरकांड का पाठ करें।
- 6
भव्य आरती करें।
- 7
सरसों के तेल के दीपक जलाएं।
- 8
जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें।
हनुमान जयंती पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
हनुमान जयंती पूजा के लाभ
अपार शारीरिक और मानसिक शक्ति मिलती है, भय और नकारात्मकता दूर होती है, बुरी आत्माओं और काले जादू से रक्षा होती है, कठिन कार्यों में सफलता मिलती है, मंगल दोष दूर होता है और भगवान राम के प्रति भक्ति गहरी होती है।
FAQ — हनुमान जयंती पूजा विधि
प्र.क्या हनुमान जयंती पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, हनुमान जयंती पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.हनुमान जयंती पूजा में कितना समय लगता है?
हनुमान जयंती पूजा में सामान्यतः 2–3 घंटे (जयंती पर पूरे दिन का पर्व) का समय लगता है।
प्र.क्या हनुमान जयंती पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
हनुमान जयंती पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.हनुमान जयंती पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
चैत्र पूर्णिमा (चैत्र मास की पूर्णिमा — मार्च/अप्रैल)। वर्षभर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को भी।