भगवान बृहस्पति (गुरुदेव) — पूजा विधि
गुरु (बृहस्पति) पूजा विधि
गुरु (बृहस्पति) पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में गुरु (बृहस्पति) पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
गुरु (बृहस्पति) पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
गुरुवार को करें।
- 2
पीले फूल और केले के साथ बृहस्पति या विष्णु की पूजा करें।
- 3
पीला भोजन (चना दाल, केला) चढ़ाएं।
- 4
गुरु बीज मंत्र (ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः) 108 बार जपें।
गुरु (बृहस्पति) पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
गुरु (बृहस्पति) पूजा के लाभ
गुरु मजबूत होता है, उच्च शिक्षा में सफलता मिलती है, बुद्धिमान और सदाचारी जीवनसाथी मिलता है, संतान प्राप्ति होती है, आर्थिक स्थिति सुधरती है।
FAQ — गुरु (बृहस्पति) पूजा विधि
प्र.क्या गुरु (बृहस्पति) पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, गुरु (बृहस्पति) पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.गुरु (बृहस्पति) पूजा में कितना समय लगता है?
गुरु (बृहस्पति) पूजा में सामान्यतः 1 घंटा का समय लगता है।
प्र.क्या गुरु (बृहस्पति) पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
गुरु (बृहस्पति) पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.गुरु (बृहस्पति) पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
प्रत्येक गुरुवार। गुरु पूर्णिमा। गुरु महादशा के दौरान। पुष्य नक्षत्र।