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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 14 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

भगवान गणेश, वास्तु पुरुष, माँ लक्ष्मी, पूजा विधि

गृह प्रवेश विधि

गृह प्रवेश की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में गृह प्रवेश करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान गणेश, वास्तु पुरुष, माँ लक्ष्मी
अवधि4–8 घंटे
शुभ समयज्योतिषी द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

गृह प्रवेश, चरण दर चरण विधि

  1. 1

    शुभ मुहूर्त चुनें

  2. 2

    घर की महिला पहले कलश और उबलते दूध के साथ प्रवेश करती है

  3. 3

    प्रवेश द्वार पर गणेश पूजा करें

  4. 4

    वास्तु शांति और नवग्रह पूजा करें

  5. 5

    नई रसोई में दूध उबालें जब तक वह उफन न जाए (समृद्धि का प्रतीक)

  6. 6

    खीर बांटें।

गृह प्रवेश के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

गृह प्रवेश के लाभ

नए घर को सकारात्मक ऊर्जा से आशीर्वाद मिलता है, निवासियों की समृद्धि और सुख सुनिश्चित होती है, नकारात्मक ऊर्जाएं और वास्तु दोष दूर होते हैं।

FAQ, गृह प्रवेश विधि

प्र.क्या गृह प्रवेश घर पर की जा सकती है?

हाँ, गृह प्रवेश घर पर की जा सकती है।

प्र.गृह प्रवेश में कितना समय लगता है?

गृह प्रवेश में सामान्यतः 4–8 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या गृह प्रवेश के लिए पंडित जरूरी है?

गृह प्रवेश परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.गृह प्रवेश का सबसे अच्छा समय क्या है?

ज्योतिषी द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त, आमतौर पर पुष्य, रोहिणी या उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में। अमावस्या और अशुभ समय से बचें।