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भगवान गणेश और विश्वकर्मा देव — पूजा विधि

वाहन पूजा (कार पूजा) विधि

वाहन पूजा (कार पूजा) की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में वाहन पूजा (कार पूजा) करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान गणेश और विश्वकर्मा देव
अवधि30–45 मिनट
शुभ समयकोई भी शुभ दिन — दशमी

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

वाहन पूजा (कार पूजा) — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    वाहन को अच्छी तरह साफ करें

  2. 2

    वाहन के पास गणेश प्रतिमा के साथ छोटी वेदी स्थापित करें

  3. 3

    मंत्रों के साथ गणेश पूजा करें

  4. 4

    वाहन पर गंगाजल छिड़कें

  5. 5

    बोनट, डैशबोर्ड और स्टीयरिंग व्हील पर लाल तिलक और कुमकुम लगाएं

  6. 6

    सामने नींबू-मिर्च की माला लटकाएं

  7. 7

    वाहन के सामने नारियल फोड़ें

  8. 8

    वाहन के चारों ओर अगरबत्ती घुमाएं

  9. 9

    सुरक्षा के लिए काला धागा या गणेश चार्म बांधें।

वाहन पूजा (कार पूजा) के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

वाहन पूजा (कार पूजा) के लाभ

वाहन और यात्रियों को दुर्घटनाओं से बचाता है, यात्राओं में बाधाएं दूर होती हैं, सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए आशीर्वाद मिलता है, वाहन नकारात्मक ऊर्जाओं से शुद्ध होता है और वाहन की दीर्घायु होती है।

FAQ — वाहन पूजा (कार पूजा) विधि

प्र.क्या वाहन पूजा (कार पूजा) घर पर की जा सकती है?

हाँ, वाहन पूजा (कार पूजा) घर पर की जा सकती है।

प्र.वाहन पूजा (कार पूजा) में कितना समय लगता है?

वाहन पूजा (कार पूजा) में सामान्यतः 30–45 मिनट का समय लगता है।

प्र.क्या वाहन पूजा (कार पूजा) के लिए पंडित जरूरी है?

वाहन पूजा (कार पूजा) परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.वाहन पूजा (कार पूजा) का सबसे अच्छा समय क्या है?

कोई भी शुभ दिन — दशमी, एकादशी या अच्छे चंद्र और लग्न वाला दिन। सुबह के समय करना सर्वोत्तम। राहु काल और अशुभ तिथियों से बचें।