बुध ग्रह — पूजा विधि
बुध पूजा विधि
बुध पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में बुध पूजा करने की सही वैदिक विधि।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
बुध पूजा — चरण दर चरण विधि
- 1
स्नान करें और हरे वस्त्र पहनें।
- 2
उत्तर दिशा में वेदी स्थापित करें।
- 3
बुध यंत्र या बुध का चित्र रखें।
- 4
हरी मूंग दाल, हरे फूल और तुलसी चढ़ाएं।
- 5
अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं।
- 6
बुध बीज मंत्र "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः" का 108 बार जाप करें।
- 7
बुध स्तोत्र पढ़ें और हरे रंग की मिठाई प्रसाद के रूप में चढ़ाएं।
बुध पूजा के महत्वपूर्ण नियम
• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।
• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।
• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।
• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।
• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।
बुध पूजा के लाभ
बुद्धि और विश्लेषण क्षमता तेज होती है, संचार और वाक्पटुता में सुधार होता है, व्यापार में सफलता मिलती है, वाक् दोष दूर होते हैं, स्मृति और सीखने की क्षमता बढ़ती है, कुंडली में बुध दोष का निवारण होता है।
FAQ — बुध पूजा विधि
प्र.क्या बुध पूजा घर पर की जा सकती है?
हाँ, बुध पूजा घर पर की जा सकती है।
प्र.बुध पूजा में कितना समय लगता है?
बुध पूजा में सामान्यतः 1–2 घंटे का समय लगता है।
प्र.क्या बुध पूजा के लिए पंडित जरूरी है?
बुध पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।
प्र.बुध पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?
बुधवार की सुबह, विशेष रूप से बुध होरा में। बुध महादशा या अंतर्दशा के दौरान सर्वाधिक लाभकारी।