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देवी बगलामुखी (पीताम्बरा देवी) — पूजा विधि

बगलामुखी पूजा विधि

बगलामुखी पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में बगलामुखी पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवतादेवी बगलामुखी (पीताम्बरा देवी)
अवधि3–5 घंटे (सामान्य); 11–41 दिन (पूर्ण साधना)
शुभ समयमंगलवार या शनिवार की रात

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

बगलामुखी पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    पीले वस्त्र से सजी वेदी पूर्व या उत्तर दिशा में स्थापित करें

  2. 2

    बगलामुखी यंत्र और प्रतिमा रखें

  3. 3

    हल्दी के जल से स्थान शुद्ध करें

  4. 4

    साधक पीले वस्त्र पहनें

  5. 5

    गणेश पूजा और नवार्ण मंत्र से आरंभ करें

  6. 6

    बगलामुखी अष्टाक्षर मंत्र का हल्दी माला से न्यूनतम 1008 बार जप करें

  7. 7

    पीले फूल, केसर हलवा और हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें

  8. 8

    सरसों से हवन करें

  9. 9

    आरती करके पीली मिठाई प्रसाद में बांटें।

बगलामुखी पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

बगलामुखी पूजा के लाभ

शत्रुओं को स्तंभित करती है, न्यायालय के मुकदमे जीते जाते हैं, झूठे आरोप और बदनामी रुकती है, काला जादू और नज़र दोष नष्ट होता है, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं चुनावों में विजय मिलती है, षड्यंत्र और अफवाहें थमती हैं।

FAQ — बगलामुखी पूजा विधि

प्र.क्या बगलामुखी पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, बगलामुखी पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.बगलामुखी पूजा में कितना समय लगता है?

बगलामुखी पूजा में सामान्यतः 3–5 घंटे (सामान्य); 11–41 दिन (पूर्ण साधना) का समय लगता है।

प्र.क्या बगलामुखी पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

बगलामुखी पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.बगलामुखी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

मंगलवार या शनिवार की रात, कृष्ण पक्ष की अष्टमी-नवमी, चैत्र मास। निशीथ काल (मध्यरात्रि) सर्वाधिक शक्तिशाली समय है। वैशाख शुक्ल अष्टमी को बगलामुखी जयंती मनाई जाती है।