आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIगुरुवार, 14 मई 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक ग्रह मार्गदर्शिका

बुध

बुध ग्रह, प्रभाव, उपाय और वैदिक ज्योतिष में महत्व

Budha · Mercury · Wednesday · Green

दिन

Wednesday

रत्न

Emerald (Panna)

रंग

Green

स्वामी राशि

Gemini, Virgo

परिचय

बुध ग्रह नवग्रहों के युवराज हैं, चंद्रमा और तारा के पुत्र, जो बुद्धि, वाणी और विश्लेषणात्मक क्षमता के कारक हैं। जहां चंद्रमा भावनात्मक मन (मनस) का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं बुध तर्कशील बुद्धि (बुद्धि तत्व) के। कन्या राशि के 15° पर उच्च बुध अपनी स्वराशि में सर्वाधिक प्रखर होते हैं। बुध शुभ ग्रहों के साथ शुभ और पाप ग्रहों के साथ अशुभ हो जाते हैं, यही इनकी विशेषता है। शरीर में ये तंत्रिका तंत्र, त्वचा और वाक्-अंगों के कारक हैं। विंशोत्तरी में इनकी महादशा 17 वर्ष की, शनि के बाद सबसे लंबी, होती है।

प्रमुख विशेषताएं

  • बुद्धि, विश्लेषण और तर्कशक्ति के कारक
  • वाणी, लेखन और संचार के स्वामी
  • तंत्रिका तंत्र, त्वचा और हाथ
  • व्यापार, लेखाकर्म और सूचना-विनिमय
  • कन्या में उच्च (15°); मीन में नीच (15°)
  • बुधवार का स्वामी और पन्ना रत्न

शास्त्रीय महत्व

बुध को सौम्य, सुंदर और शुभ, कहा जाता है और ये एकमात्र ग्रह हैं जो संगत के अनुसार अपना स्वभाव बदलते हैं। भद्र महापुरुष योग, केंद्र में स्वराशि या उच्च का बुध, असाधारण वक्ता, लेखक और गणितज्ञ बनाता है। 17 वर्षीय बुध महादशा व्यापार, शिक्षा और बौद्धिक उपलब्धियों के लिए अत्यंत उत्पादक होती है।

उच्च, नीच और ग्रह-संबंध

उच्च राशि

Virgo (15°)

नीच राशि

Pisces (15°)

स्वराशि

Gemini, Virgo

मित्र ग्रह

Sun, Venus

शत्रु ग्रह

Moon

सम ग्रह

Mars, Jupiter, Saturn

ग्रह-संगतियां

रत्न

Emerald (Panna)

दिन

Wednesday

रंग

Green

उपाय (Upayas)

  1. बुधवार को बुध अष्टकम या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
  2. विष्णु मंदिर में हरे मूंग, हरी सब्ज़ियां या हरे वस्त्र अर्पित करें
  3. बुधवार को व्रत रखें और केवल हरे रंग का भोजन करें
  4. हरा मूंग, हरे वस्त्र, पुस्तकें या लेखन सामग्री का दान करें
  5. मंत्र: "ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः", 9,000 जप

सामान्य प्रश्न

बुध मीन राशि में नीच क्यों होते हैं?

मीन राशि विसर्जन, कल्पना और भावनात्मक गहराई का क्षेत्र है, बुध की तार्किक प्रकृति से बिल्कुल विपरीत। मीन में बुध की विश्लेषण-क्षमता धुंधली हो जाती है और सोच अधिक सहजज्ञानी और आध्यात्मिक हो जाती है।

बुध की 17 वर्षीय महादशा कैसी होती है?

बलवान बुध की महादशा व्यापार, शिक्षा, लेखन और यात्रा में असाधारण सफलता देती है। पीड़ित बुध की दशा में तंत्रिका रोग, वाणी दोष, व्यापारिक विवाद और छोटे भाइयों से परेशानी हो सकती है।

बुध क्या शुभ ग्रह हैं?

बुध सांयोगिक शुभ ग्रह हैं, शुभ ग्रहों के साथ शुभ और पाप ग्रहों के साथ पाप बन जाते हैं। अकेले बुध को न शुभ न अशुभ, तटस्थ माना जाता है। इसलिए इनकी कुंडली में स्थिति और संगत अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कौन से व्यवसाय बुध से संबंधित हैं?

लेखन, पत्रकारिता, शिक्षण, व्यापार, लेखाकर्म, कंप्यूटर विज्ञान, भाषा, अनुवाद, बैंकिंग और सभी संचार-केंद्रित व्यवसाय बुध के क्षेत्र हैं। बलवान बुध इन सभी में असाधारण सफलता देते हैं।

अपनी कुंडली देखें →Read in English →← सभी नवग्रह