आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 15 मई 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक ग्रह मार्गदर्शिका

मंगल

मंगल ग्रह, प्रभाव, उपाय और वैदिक ज्योतिष में महत्व

Mangal · Mars · Tuesday · Red

दिन

Tuesday

रत्न

Red Coral (Moonga)

रंग

Red

स्वामी राशि

Aries, Scorpio

परिचय

मंगल ग्रह को नवग्रहों का सेनापति कहा जाता है और ये साहस, ऊर्जा और कार्य-शक्ति के प्रमुख कारक हैं। ये मेष और वृश्चिक दोनों राशियों के स्वामी हैं, एक में बाहरी युद्ध-शक्ति, दूसरे में अंतरिक मनोवैज्ञानिक दृढ़ता। मकर राशि के 28° पर उच्च मंगल सर्वाधिक अनुशासित और रचनात्मक होते हैं। शरीर में ये रक्त, मांसपेशियां और अस्थि-मज्जा के कारक हैं। भूमिपति के रूप में ये भूमि और संपत्ति के नैसर्गिक कारक भी हैं। इनकी महादशा 7 वर्ष की होती है और मंगलवार इनका दिन है।

प्रमुख विशेषताएं

  • साहस, पराक्रम और कार्य-प्रेरणा के कारक
  • रक्त, मांसपेशियां और शारीरिक शक्ति
  • छोटे भाई-बंधु और प्रतिस्पर्धा
  • भूमि, संपत्ति और अचल संपदा
  • मकर में उच्च (28°); कर्क में नीच (28°)
  • मंगलवार का स्वामी और लाल मूंगा रत्न

शास्त्रीय महत्व

स्कंद पुराण के अनुसार मंगल का जन्म पृथ्वी (भूमि देवी) से हुआ था, जब भगवान शिव का पसीना धरती पर गिरा। इसीलिए इन्हें भूमिपति कहते हैं। ज्योतिष में रुचक महापुरुष योग, केंद्र में स्वराशि या उच्च का मंगल, योद्धाओं, खिलाड़ियों और शक्तिशाली प्रशासकों का निर्माण करता है।

उच्च, नीच और ग्रह-संबंध

उच्च राशि

Capricorn (28°)

नीच राशि

Cancer (28°)

स्वराशि

Aries, Scorpio

मित्र ग्रह

Sun, Moon, Jupiter

शत्रु ग्रह

Mercury

सम ग्रह

Venus, Saturn

ग्रह-संगतियां

रत्न

Red Coral (Moonga)

दिन

Tuesday

रंग

Red

उपाय (Upayas)

  1. मंगलवार को हनुमान चालीसा या मंगल स्तोत्र का पाठ करें
  2. हनुमानजी को लाल फूल, मसूर दाल या लाल वस्त्र अर्पित करें
  3. मंगलवार को बिना नमक के एक समय भोजन करें
  4. मसूर दाल, लाल वस्त्र, तांबा या रक्तदान का पुण्य करें
  5. मंत्र: "ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः", 10,000 जप

सामान्य प्रश्न

कुज दोष (मांगलिक) क्या है?

जब मंगल जन्म कुंडली के 1, 2, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो तो कुज दोष माना जाता है। यह विवाह में कलह, प्रभुत्व या तीव्रता का संकेत देता है। दोनों जातकों को मांगलिक होने पर यह दोष खंडित माना जाता है। अनेक दोष-भंग स्थितियां भी शास्त्रों में वर्णित हैं।

मंगल मकर राशि में उच्च क्यों होते हैं?

मकर शनि की राशि है, अनुशासन और दीर्घकालिक रणनीति का क्षेत्र। मकर में मंगल की ऊर्जा आवेगी नहीं रहती, बल्कि लक्ष्य-केंद्रित और अनुशासित हो जाती है। यही कारण है कि शास्त्र इस स्थिति को मंगल की सर्वश्रेष्ठ अवस्था मानते हैं।

मंगल की महादशा में क्या होता है?

मंगल की महादशा 7 वर्ष की होती है। बलवान मंगल की दशा में साहस, संपत्ति लाभ, भाइयों से सहयोग और कार्य में सफलता मिलती है। पीड़ित मंगल रक्त विकार, दुर्घटनाएं, भूमि विवाद और भाइयों से मतभेद ला सकता है।

मंगल किस प्रकार के व्यवसाय के लिए शुभ हैं?

बलवान मंगल सेना, पुलिस, शल्य चिकित्सा, अभियांत्रिकी, खेल, भूमि व्यवसाय, खनन और सभी कार्यों में जहां शारीरिक साहस या धारदार उपकरणों का उपयोग हो, विशेष सफलता देते हैं।

अपनी कुंडली देखें →Read in English →← सभी नवग्रह