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पौराणिक मंत्र · माँ शीतला

शीतला मंत्र

Sheetala Mantra

प्रकारपौराणिक मंत्र
देवतामाँ शीतला
अक्षर10

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः

रोमन लिपि

Om Hrīṃ Śrīṃ Śītalāyai Namaḥ

अर्थ

ओम, माँ शीतला को प्रणाम — शीतल, बुखार और रोग की गर्मी को शुद्ध करने वाली। शीतला का शाब्दिक अर्थ है "शीतल" — वे देवी हैं जो बुखार, संक्रमण और सूजन की जलन दूर करती हैं। उन्हें चेचक, बुखार और चर्म रोगों के कारण और उपचार दोनों के रूप में पूजा जाता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

शीतला मंत्र के लाभ

  • ·बच्चों को चेचक, छोटी माता, खसरा और अन्य बचपन की बीमारियों से बचाती है
  • ·बुखार, त्वचा की सूजन, जलन और संक्रमण दूर करती है
  • ·शारीरिक बीमारियों और मानसिक उत्तेजना दोनों को शीतल राहत देती है
  • ·महामारी और संक्रामक रोगों के प्रकोप के दौरान परिवार के सदस्यों की रक्षा करती है
  • ·स्वस्थ गर्भावस्था और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए आह्वान किया जाता है
  • ·मौसमी बीमारियों से सामान्य स्वास्थ्य, जीवन शक्ति और प्रतिरक्षा प्रदान करती है

जाप विधि

  1. 1.स्वच्छ सफेद कपड़े पर बैठें, पूर्व या उत्तर की ओर मुँह करें; शांत, शीतल स्वभाव बनाए रखें
  2. 2.ठंडा पानी, ठंडा चावल (बासी चावल पारंपरिक है), दही और नीले/सफेद फूल चढ़ाएँ
  3. 3.शीतला अष्टमी (होली के बाद आठवाँ दिन) उनका सबसे महत्वपूर्ण पर्व है — व्रत करें और ठंडा भोजन चढ़ाएँ
  4. 4.जाप के लिए सफेद स्फटिक माला या तुलसी माला का उपयोग करें
  5. 5.धीमी, कोमल आवाज में जपें — देवी की शीतल प्रकृति को प्रतिबिंबित करते हुए
  6. 6.उपचार उद्देश्यों के लिए जाप करते समय बीमार व्यक्ति के चारों ओर ठंडा पानी छिड़कें

जाप का सर्वोत्तम समय

शीतला अष्टमी (होली के बाद आठवाँ दिन)। सोमवार और शुक्रवार की सुबह। बसंत पंचमी। सूर्योदय से पहले सुबह।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार (1 माला)। रोग के दिन उपचार के लिए: 1008 बार। शीतला अष्टमी पर: जितना संभव हो उतनी बार।

सामान्य प्रश्न

प्र.माँ शीतला कौन हैं?

माँ शीतला उत्तर भारत में व्यापक रूप से पूजी जाने वाली लोक देवी हैं। उन्हें गधे पर सवार, झाड़ू, पंखा और ठंडे पानी का घड़ा लिए हुए एक महिला के रूप में चित्रित किया जाता है। वे चेचक, छोटी माता और अन्य ज्वर रोगों की देवी हैं।

प्र.शीतला अष्टमी क्या है?

शीतला अष्टमी चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी (होली के आठ दिन बाद) को पड़ती है। यह माँ शीतला का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भक्त केवल ठंडा खाना खाते हैं — कोई खाना नहीं पकाया जाता।

प्र.क्या शीतला माता और सीतला एक ही हैं?

हाँ, शीतला (सीतला या शितला भी लिखा जाता है) एक ही देवी को संदर्भित करती है। नाम के अलग-अलग लिप्यंतरण हैं लेकिन सभी एक ही शीतल, रोग-निवारक देवी को संदर्भित करते हैं।

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