पौराणिक मंत्र · भगवान शनि देव
साढ़ेसाती के लिए शनि मंत्र
Shani Mantra for Sade Sati
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि स्तोत्र: नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्
रोमन लिपि
Om Sham Shanaischaraya Namah Shani Stotra: Neelanjanasamabhasam Raviputram Yamagrajam Chhayamartandasambhutam Tam Namami ShanaiScharam
अर्थ
ॐ। शनैश्चर को नमस्कार। शनि स्तोत्र: नीले अंजन के समान कांति वाले, सूर्य के पुत्र, यम के बड़े भाई, छाया और मार्तंड से उत्पन्न शनि देव को नमस्कार करता हूँ।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
साढ़ेसाती के लिए शनि मंत्र के लाभ
- ·शनि साढ़ेसाती के लिए समर्पित उपाय — 7.5 वर्ष का शनि गोचर
- ·साढ़ेसाती के दौरान देरी, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य समस्याएँ कम होती हैं
- ·शनि के कार्मिक पाठों को कृपापूर्वक स्वीकार करना सिखाता है
- ·शनि को शुद्ध भक्ति से अशुभ से हितकारी में बदलता है
- ·दुर्घटनाओं, कानूनी समस्याओं और पुरानी बीमारी से सुरक्षा
- ·शनि बीज मंत्र के साथ मिलाने पर सबसे व्यापक शनि उपाय
जाप विधि
- 1.प्रत्येक शनिवार — सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास (या एक बार भोजन)
- 2.शनि मंदिर जाएँ; शनि प्रतिमा पर तिल का तेल चढ़ाएँ
- 3.पश्चिम दिशा में लोहे या काले धागे की माला से 108 बार जपें
- 4.तिल के तेल का दीपक जलाएँ और काले तिल जलाएँ
- 5.शनिवार को काले तिल, काला कपड़ा, लोहा और सरसों का तेल दान करें
- 6.गरीब, विकलांग और वंचितों की सेवा करें — शनि वंचितों के देव हैं
जाप का सर्वोत्तम समय
प्रत्येक शनिवार, विशेषकर शनि अमावस्या। साढ़ेसाती और शनि ढैया के दौरान।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रत्येक शनिवार 108 बार। पूर्ण साढ़ेसाती उपाय: पूरे 7.5 वर्ष अभ्यास जारी रखें।
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?
नहीं। साढ़ेसाती अक्सर अनावश्यक रूप से डरावनी लगती है। इसका उद्देश्य कार्मिक शुद्धि और चरित्र विकास है। धर्मपूर्वक जीने वालों के लिए यह अक्सर उत्थान और आध्यात्मिक विकास लाती है।
प्र.साढ़ेसाती में क्या करें?
शनि मंत्र जाप, शनिवार व्रत, तिल दान, गरीबों की सेवा और शनि मंदिर दर्शन। धैर्य रखें और कड़ी मेहनत करें।