बीज मंत्र · भगवान मंगल देव
मंगल बीज मंत्र
Mangal Beej Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः
रोमन लिपि
Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaya Namah
अर्थ
ॐ। भूमि पुत्र मंगल (भौम) को नमस्कार। बीज अक्षर क्रां, क्रीं, क्रौं मंगल की अग्निमय, मार्शल ऊर्जा के वाहक हैं। यह मंत्र साहस, शक्ति और शत्रुओं तथा बाधाओं पर विजय की शक्ति देता है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
मंगल बीज मंत्र के लाभ
- ·कुंडली में मंगल दोष (मांगलिक दोष) के प्रभाव दूर होते हैं
- ·शारीरिक शक्ति, साहस और प्रतिस्पर्धी भावना विकसित होती है
- ·कानूनी लड़ाई, संघर्ष और प्रतिस्पर्धात्मक स्थितियों में जीत मिलती है
- ·रक्त संबंधी स्वास्थ्य समस्याएँ दूर होती हैं (मंगल रक्त और अस्थि मज्जा का कारक है)
- ·इच्छाशक्ति, अनुशासन और निर्णायक कार्रवाई करने की क्षमता बढ़ती है
- ·सैन्य, पुलिस, शल्य चिकित्सक, खिलाड़ियों और प्रतिस्पर्धी पेशेवरों के लिए लाभकारी
जाप विधि
- 1.मंगलवार प्रातः दक्षिण दिशा में मुँह करके जपें (मंगल की दिशा)
- 2.हनुमान जी या मंगल देव को लाल फूल, मसूर दाल और लाल कपड़ा चढ़ाएँ
- 3.लाल मूँगे की माला रखें — मूँगा मंगल का रत्न है
- 4.घी का दीपक जलाएँ और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएँ
- 5.मंगल दोष निवारण: 40 लगातार मंगलवार 108 बार जपें
- 6.किसी भी प्रतियोगिता, ऑपरेशन या टकराव से पहले 21 बार जपें
जाप का सर्वोत्तम समय
मंगलवार सूर्योदय पर। मंगल होरा के दौरान। नवरात्रि में बढ़ी हुई मंगल ऊर्जा के लिए।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। मंगल दोष के लिए: कुल 10,000 जाप। 40 सप्ताह मंगलवार व्रत के साथ 108 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.मंगल बीज मंत्र से मंगल दोष दूर होता है क्या?
हाँ। मंगल बीज मंत्र मांगलिक दोष के प्रमुख वैदिक उपायों में से एक है। 40 लगातार मंगलवार 108 बार जाप, हनुमान पूजा और मंगलवार को मसूर दान के साथ मिलाकर करने से विशेष फल मिलता है।
प्र.मंगल बीज मंत्र कौन जपे?
कुंडली में कमजोर, नीच या मांगलिक मंगल वाले। कानूनी विवाद, प्रतियोगिता या शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोग। खिलाड़ी, सैनिक, पुलिस और शल्य चिकित्सक।