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पौराणिक मंत्र · भगवान कार्तिकेय (मुरुगन)

कार्तिकेय मंत्र, ॐ शरवणभव

Kartikeya Mantra

प्रकारपौराणिक मंत्र
देवताभगवान कार्तिकेय (मुरुगन)
अक्षर8

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ शरवणभव कार्तिकेय गायत्री: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नो षण्मुखः प्रचोदयात्

रोमन लिपि

Om Sharavanabhava Kartikeya Gayatri: Om Tatpurushaya Vidmahe Mahasenaya Dhimahi Tanno Shanmukhah Prachodayat

अर्थ

ॐ। शरवणभव (सरकंडे के वन में जन्मे)। कार्तिकेय गायत्री: हम सर्वोच्च पुरुष को जानते हैं, महासेना (महान सेना के कमांडर) का ध्यान करते हैं, षण्मुख (छह मुखों वाले) हमें प्रेरित और प्रकाशित करें।

अंतिम अपडेट: 18 अगस्त 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

कार्तिकेय मंत्र, ॐ शरवणभव के लाभ

  • ·कार्तिकेय युद्ध और विजय के देव हैं, दिव्य सेनाओं के कमांडर
  • ·सभी युद्धों, प्रतियोगिताओं और संघर्षों में विजय मिलती है
  • ·शत्रुओं, बाधाओं और गहरी नकारात्मकता पर विजय में मदद
  • ·शिव और पार्वती के पुत्र, शिव की बुराई के विनाश और पार्वती की कृपा दोनों का आह्वान
  • ·दक्षिण भारत (मुरुगन के रूप में) और श्रीलंका में विशेष रूप से पूजित
  • ·मंगल ग्रह कार्तिकेय द्वारा शासित है, यह मंत्र मंगल दोष के लिए शक्तिशाली

जाप विधि

  1. 1.मंगलवार सबसे शुभ (मंगल का दिन, कार्तिकेय मंगल के स्वामी)
  2. 2.स्कंद षष्ठी (तमिलनाडु में 6 दिन का त्योहार) सबसे शक्तिशाली अवधि
  3. 3.लाल फूल, लाल जामुन (जैसे कुमकुम) और वेल (कार्तिकेय का भाला प्रतीक) अर्पित करें
  4. 4.जाप के दौरान पूर्व या ईशान दिशा में मुँह करें
  5. 5.लाल मूँगे की माला
  6. 6.परीक्षा, प्रतियोगिता या युद्ध से पहले: 21 बार जपें

जाप का सर्वोत्तम समय

मंगलवार। स्कंद षष्ठी (दक्षिण भारत में अक्टूबर/नवंबर)। प्रतियोगिताओं से पहले।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार। प्रतियोगिताओं से पहले: 21 बार। स्कंद षष्ठी: प्रत्येक दिन 1008 बार।

सामान्य प्रश्न

प्र.क्या कार्तिकेय, मुरुगन और स्कंद एक ही देव हैं?

हाँ। कार्तिकेय, मुरुगन, स्कंद, सुब्रह्मण्य और षण्मुख सभी एक ही देव के नाम हैं, शिव और पार्वती के पुत्र, दिव्य सेना के कमांडर। उत्तर भारत में कार्तिकेय, दक्षिण भारत में मुरुगन के नाम से जाने जाते हैं।

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