वैदिक मंत्र · श्री हनुमान जी
हनुमान गायत्री मंत्र
Hanuman Gayatri Mantra
प्रकारवैदिक मंत्र
देवताश्री हनुमान जी
अक्षर24
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्
रोमन लिपि
Om Anjaneyaya Vidmahe Vayuputraya Dhimahi Tanno Hanumat Prachodayat
अर्थ
हम अंजनेय (अंजना के पुत्र) को जानते हैं, वायुपुत्र का ध्यान करते हैं, हनुमान जी हमें प्रेरित और प्रकाशित करें।
अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
हनुमान गायत्री मंत्र के लाभ
- ·गायत्री रूप में शक्तिशाली सुरक्षा, साहस और शक्ति
- ·भय दूर होता है और मानसिक तथा शारीरिक शक्ति बढ़ती है
- ·अशुभ मंगल और शनि शांत होते हैं (हनुमान दोनों के स्वामी)
- ·दैनिक अभ्यास के लिए आदर्श क्योंकि यह हनुमान बीज मंत्रों से अधिक सात्विक है
- ·हनुमान जी के गुण, भक्ति, सेवा और निःस्वार्थ साहस, मिलते हैं
- ·मंगलवार और शनिवार पर सबसे प्रभावी
जाप विधि
- 1.मंगलवार और शनिवार प्रातः
- 2.हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल चढ़ाएँ
- 3.रुद्राक्ष माला
- 4.पूर्ण सत्र के लिए इस गायत्री से पहले हनुमान चालीसा पढ़ें
- 5.दक्षिण दिशा में मुँह करें
- 6.किसी भी यात्रा से पहले सुरक्षा के लिए 3 बार जपें
जाप का सर्वोत्तम समय
मंगलवार और शनिवार ब्रह्म मुहूर्त। हनुमान जयंती। किसी भी चुनौती या यात्रा से पहले।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। मंगलवार/शनिवार: गहरी सुरक्षा साधना के लिए 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.हनुमान गायत्री और हनुमान मंत्र में क्या अंतर है?
"ॐ हनुमते नमः" सरल आह्वान है। हनुमान गायत्री 24 अक्षरों का ध्यान मंत्र है, अधिक चिंतनशील और सात्विक, प्रातः ध्यान के लिए उपयुक्त।