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मौसमी त्योहार — हिंदू पवित्र उत्सव

नवरेह

देवता शारदा देवी (सरस्वती)
माह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च/अप्रैल)
क्षेत्र कश्मीर घाटी, विश्वभर के कश्मीरी पंडित प्रवासी

संक्षिप्त परिचय

नवरेह कश्मीरी पंडितों का नव वर्ष उत्सव है जो चैत्र के पहले दिन मनाया जाता है। यह सप्तर्षि कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। नवरेह की रात, समृद्धि, ज्ञान और कल्याण का प्रतिनिधित्व करने वाली शुभ वस्तुओं से एक थाल तैयार की जाती है, जो जागने पर सबसे पहले देखी जाती है। यह त्योहार कश्मीरी पंडित पहचान को संजोता है।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

महत्व

नवरेह कश्मीरी पंडित पहचान की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधारशिला है। नए वर्ष की सुबह थाल देखने से वर्षभर समृद्धि और सौभाग्य मिलता है। यह कश्मीर की प्रसिद्ध शारदा पीठ में पूजित शारदा देवी का सम्मान करता है और वर्षभर ज्ञान की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।

अनुष्ठान और परंपराएं

एक रात पहले नवरेह थाल तैयार करें जिसमें चावल, अखरोट, कलम/स्याही (ज्ञान के लिए), दर्पण, नमक, चीनी, ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ, दही, फूल, सिक्के और पंचांग रखें। जागने पर थाल पहली चीज़ देखें। शारदा देवी की पूजा करें। मंदिर जाएं। नव वर्ष की शुभकामनाएं दें। परिवार के साथ कश्मीरी व्यंजनों का भोज करें।

पारंपरिक व्यंजन

कहवा (केसर चाय)रोगन जोशहाक (साग)दम आलूशुफ्ता (मीठे मेवे)नादिर मोंजेअखरोट

सामान्य प्रश्न

प्र.नवरेह क्या है?

नवरेह कश्मीरी पंडितों का नव वर्ष उत्सव है जो चैत्र के पहले दिन मनाया जाता है। यह सप्तर्षि कैलेंडर के अनुसार नए वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। नवरेह की रात, समृद्धि, ज्ञान और कल्याण का प्रतिनिधित्व करने वाली शुभ वस्तुओं से एक थाल तैयार की जाती है, जो जा...

प्र.नवरेह का क्या महत्व है?

नवरेह कश्मीरी पंडित पहचान की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधारशिला है। नए वर्ष की सुबह थाल देखने से वर्षभर समृद्धि और सौभाग्य मिलता है। यह कश्मीर की प्रसिद्ध शारदा पीठ में पूजित शारदा देवी का सम्मान करता है और वर्षभर ज्ञान की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।

प्र.नवरेह के अनुष्ठान क्या हैं?

एक रात पहले नवरेह थाल तैयार करें जिसमें चावल, अखरोट, कलम/स्याही (ज्ञान के लिए), दर्पण, नमक, चीनी, ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ, दही, फूल, सिक्के और पंचांग रखें। जागने पर थाल पहली चीज़ देखें। शारदा देवी की पूजा करें। मंदिर जाएं। नव वर्ष की शुभकामनाएं दें। परिवार के साथ कश्मीरी व्यंजनों का भोज करें।

प्र.नवरेह में कौन से व्यंजन बनते हैं?

कहवा (केसर चाय), रोगन जोश, हाक (साग), दम आलू, शुफ्ता (मीठे मेवे), नादिर मोंजे, अखरोट

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