वलयाकार सूर्य ग्रहण — 1 जून 2030
1 जून 2030 का वलयाकार सूर्य ग्रहण उत्तर भारत में कश्मीर और लद्दाख सहित एक शानदार "रिंग ऑफ फायर" बनाता है, जिससे यह भारत के लिए वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण ग्रहणों में से एक है। रोहिणी नक्षत्र में वृष राशि में चंद्रमा का सिल्हूट सूर्य के कोरोना से घिरा होता है, जो प्रचुरता और भौतिक सृष्टि से जुड़ा एक गहरा शुभ और शक्तिशाली स्थान है।
तारीख
1 जून 2030
समय (IST)
UTC 04:22–09:13 (IST 09:52–14:43)
प्रकार
वलयाकार
राशि
वृष
नक्षत्र
Rohini
अवधि
4 hours 51 minutes (annularity up to 5 min 21 sec)
दृश्यता
उत्तर भारत (कश्मीर, लद्दाख), मध्य एशिया, मध्य पूर्व, दक्षिणी यूरोप। भारत में दृश्य।
वैदिक महत्व
रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा द्वारा शासित है और सभी नक्षत्रों में सबसे प्रिय माना जाता है — यह वह स्थान है जहाँ चंद्रमा उच्च का होता है। वृष में रोहिणी में वलयाकार सूर्य ग्रहण एक असाधारण तनाव पैदा करता है: चंद्रमा (यहाँ उच्च) अपने पसंदीदा निवास में सूर्य को अस्पष्ट करता है। यह ग्रहण कृषि, भौतिक धन, सौंदर्य उद्योगों और भूमि में परिवर्तनकारी बदलावों का संकेत देता है। उत्तर भारत के लिए, वलयाकारता पथ पर होना इसे एक अत्यधिक महत्वपूर्ण सांसारिक ज्योतिष घटना बनाता है।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें
करें
- ✓सुरक्षा और आशीर्वाद के लिए सूर्य पूजा करें और आदित्य हृदयम जपें
- ✓वृष की पार्थिव प्रचुरता का सम्मान करने के लिए अनाज, तिल और सफेद वस्तुएं दान करें
- ✓इस ग्रहण का उपयोग वित्तीय सुरक्षा और भौतिक स्थिरता के इरादे तय करने के लिए करें
- ✓ग्रहण काल में पृथ्वी की प्रचुरता के लिए सादगी और कृतज्ञता पर ध्यान दें
न करें
- ✗ग्रहण की अवधि में भूमि, संपत्ति या कीमती वस्तुएं खरीदने से बचें
- ✗इस दिन नई कृषि गतिविधियाँ या रोपण शुरू न करें
- ✗ग्रहण के दौरान खाने से बचें, विशेषकर उत्तर भारत में जहाँ यह दृश्य है
- ✗ग्रहण काल में धन या संपत्ति के बारे में वादे करने से बचें
सभी 12 राशियों पर प्रभाव
मेष (Aries)
2030 ग्रहण गाइड →मेष के 2रे भाव में — वित्त, संपत्ति और मूल मूल्यों का महत्वपूर्ण पुनर्निर्माण; नए इरादे के साथ धन बनाएं।
वृष (Taurus)
2030 ग्रहण गाइड →वृष के 1ले भाव में — शक्तिशाली नया पहचान अध्याय शुरू; पुराने स्व को छोड़ें और अधिक प्रामाणिक अभिव्यक्ति में कदम रखें।
मिथुन (Gemini)
2030 ग्रहण गाइड →मिथुन के 12वें भाव में — आध्यात्मिक खोज, विदेशी संबंध और आंतरिक एकांत का चक्र पुनर्निर्माण; बड़े नए बाहरी चक्र की तैयारी।
कर्क (Cancer)
2030 ग्रहण गाइड →कर्क के 11वें भाव में — सामाजिक नेटवर्क, समूह संबद्धता और दीर्घकालीन लक्ष्य पुनर्गठित; विकसित मूल्यों से मेल खाने वाले समुदायों के साथ जुड़ें।
सिंह (Leo)
2030 ग्रहण गाइड →सिंह के 10वें भाव में — करियर और सार्वजनिक भूमिका का शक्तिशाली पुनर्निर्माण; नई पेशेवर पहचान और दिशा क्रिस्टलाइज होने लगती है।
कन्या (Virgo)
2030 ग्रहण गाइड →कन्या के 9वें भाव में — विश्वास, उच्च शिक्षा और दार्शनिक नींव पुनर्निर्माण; नया विश्वदृष्टि और दूरस्थ अवसर उभरता है।
तुला (Libra)
2030 ग्रहण गाइड →तुला के 8वें भाव में — साझा वित्त, विरासत और अंतरंगता का गहरा पुनर्निर्माण; गहरे प्रकार का परिवर्तन आता है।
वृश्चिक (Scorpio)
2030 ग्रहण गाइड →वृश्चिक के 7वें भाव में — साझेदारी और प्रतिबद्ध संबंध शक्तिशाली रूप से पुनर्निर्माण; नई संबंध गतिशीलता आकार लेने लगती है।
धनु (Sagittarius)
2030 ग्रहण गाइड →धनु के 6वें भाव में — स्वास्थ्य, सेवा और दैनिक कार्य दिनचर्या महत्वपूर्ण पुनर्निर्माण; नए चक्र के साथ बेहतर आदतें बनाएं।
मकर (Capricorn)
2030 ग्रहण गाइड →मकर के 5वें भाव में — रचनात्मकता, रोमांस और आनंद पुनर्निर्माण; प्रामाणिक आत्म-अभिव्यक्ति और आनंद का नया अध्याय शुरू।
कुंभ (Aquarius)
2030 ग्रहण गाइड →कुंभ के 4थे भाव में — घर, परिवार और भावनात्मक नींव का शक्तिशाली पुनर्निर्माण; वास्तव में आवश्यक घरेलू अभयारण्य बनाएं।
मीन (Pisces)
2030 ग्रहण गाइड →मीन के 3रे भाव में — संचार, स्थानीय वातावरण और भाई-बहन के संबंध पुनर्निर्माण; नए मानसिक और सामाजिक मार्ग खुलते हैं।