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सूर्य ग्रहण — वैदिक ज्योतिष

सूर्य ग्रहण 2028

2028 में सूर्य ग्रहण की तारीख, IST समय, भारत में दृश्यता, सूतक नियम और सभी 12 राशियों पर वैदिक ज्योतिष प्रभाव की संपूर्ण जानकारी।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग

वलयाकार सूर्य ग्रहण — 26 जनवरी 2028

मकर राशि, श्रवण नक्षत्र में वलयाकार सूर्य ग्रहण — सुनने, सीखने और दैवीय मार्गदर्शन का नक्षत्र। अनुशासित ज्ञान और कर्म उद्देश्य के नए चक्र का बीज।

तारीख

26 जनवरी 2028

समय (IST)

15:08 UTC

प्रकार

वलयाकार

राशि

मकर

नक्षत्र

Shravana

अवधि

7m 51s (annularity)

दृश्यता

इक्वाडोर, पेरू, ब्राज़ील और दक्षिणी अटलांटिक में वलयाकार ग्रहण दृश्य। भारत में दृश्य नहीं।

वैदिक महत्व

सूर्य-चंद्र श्रवण (विष्णु देवता) नक्षत्र, मकर राशि में — पवित्र श्रवण और कर्म कर्तव्य का नक्षत्र। विष्णु की संरक्षण ऊर्जा करियर और धर्म में अनुशासित नई शुरुआत को सक्रिय करती है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • इस ग्रहण के दौरान विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
  • डायरी लेखन या अनुशासित अध्ययन अभ्यास शुरू करें
  • करियर धर्म और दीर्घकालीन उद्देश्य के लिए संकल्प लें
  • ग्रहण के बाद शिक्षा या वृद्ध सेवा में दान करें

न करें

  • आवेगपूर्ण करियर बदलाव या अधिकार चुनौती से बचें
  • ग्रहण काल में दीर्घकालीन अनुबंध पर हस्ताक्षर न करें
  • नई संरचनात्मक परियोजनाएं आवेश में शुरू न करें
  • ग्रहण काल में भोजन न करें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष के 10वें भाव में — करियर में अनुशासित नया चक्र; नए मिशन का बीज।

वृष के 9वें भाव में — उच्च शिक्षा और आध्यात्मिक गुरु नई यात्रा का बीज।

मिथुन के 8वें भाव में — साझा संसाधन और गहरा रूपांतरण नया कर्म अध्याय।

कर्क के 7वें भाव में — साझेदारी नया अनुशासित संबंध चक्र।

सिंह के 6वें भाव में — स्वास्थ्य दिनचर्या और कर्तव्य नया संरचित अध्याय।

कन्या के 5वें भाव में — रचनात्मक अनुशासन और प्रेम नया उद्देश्यपूर्ण चक्र।

तुला के 4थे भाव में — घर की नींव स्थिरता के नए अध्याय का बीज।

वृश्चिक (Scorpio)

2028 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक के 3रे भाव में — संचार और लेखन नए अनुशासित चरण में।

धनु के 2रे भाव में — वित्तीय अनुशासन और मूल्य प्रणाली नए अध्याय का बीज।

मकर के 1ले भाव में — सबसे शक्तिशाली स्थान; पहचान और उद्देश्य नया कर्म चक्र।

कुंभ के 12वें भाव में — आध्यात्मिक अनुशासन और कर्मिक समापन एकांत में।

मीन के 11वें भाव में — सामाजिक नेटवर्क और लक्ष्य नए उद्देश्यपूर्ण अध्याय में।

पूर्ण सूर्य ग्रहण — 22 जुलाई 2028

22 जुलाई 2028 का पूर्ण सूर्य ग्रहण ऑस्ट्रेलिया में एक शानदार पूर्णता पथ पर आगे बढ़ता है। चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में कर्क राशि में सूर्य को पूरी तरह अवरुद्ध करता है, घर, पोषण और भावनात्मक नींव के गहरे विषयों को सक्रिय करता है। यह दशक की सबसे लंबी पूर्णताओं में से एक है।

तारीख

22 जुलाई 2028

समय (IST)

UTC 02:08–05:52 (IST 07:38–11:22)

प्रकार

पूर्ण

राशि

कर्क

नक्षत्र

Pushya

अवधि

3 hours 44 minutes (totality up to 5 min 10 sec)

दृश्यता

ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिणी इंडोनेशिया। भारत में दृश्य नहीं।

वैदिक महत्व

पुष्य नक्षत्र शनि द्वारा शासित है और सबसे शुभ नक्षत्र माना जाता है। यहाँ कर्क में पूर्ण सूर्य ग्रहण शनि के अनुशासन और कर्क की भावनात्मक संवेदनशीलता के बीच एक शक्तिशाली तनाव उत्पन्न करता है। माँ, मातृभूमि और भावनात्मक सुरक्षा के विषय ग्रहणग्रस्त और नवीकृत होते हैं। कर्क और मकर जातकों को परिवार और करियर में सबसे सीधे बदलाव अनुभव होते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • ग्रहण काल में घर, परिवार और भावनात्मक उपचार पर ध्यान दें
  • सूर्य बीज मंत्र (ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः) 108 बार जपें
  • ग्रहण के दौरान उपवास रखें और बाद में दूध आधारित खाद्य से व्रत तोड़ें
  • कर्क की पोषण ऊर्जा का सम्मान करने के लिए चावल, दूध और सफेद वस्त्र दान करें

न करें

  • ग्रहण के दौरान नए निर्माण या गृह-खरीद निर्णय शुरू न करें
  • इस समय के आसपास परिवार या माँ के साथ विवाद से बचें
  • ग्रहण की अवधि में खाना न पकाएं और न खाएं
  • पूर्णता के 48 घंटे बाद तक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णयों से बचें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष के 4थे भाव में — घर, परिवार और भावनात्मक सुरक्षा का गहन पुनर्निर्माण।

वृष के 3रे भाव में — संचार या भाई-बहन से जुड़ा अध्याय समाप्त; नए मानसिक मार्ग खुलते हैं।

मिथुन के 2रे भाव में — वित्त और आत्म-मूल्य में महत्वपूर्ण बदलाव; पुराने कमाई के तरीके बदलते हैं।

कर्क के 1ले भाव में — सबसे व्यक्तिगत स्थान; नया पहचान अध्याय शक्तिशाली स्पष्टता के साथ शुरू।

सिंह के 12वें भाव में — छिपे मामले, विदेशी संबंध और आध्यात्मिक एकांत रूपांतरित होते हैं।

कन्या के 11वें भाव में — सामाजिक नेटवर्क और दीर्घकालीन लक्ष्य सार्थक पुनर्निर्माण से गुजरते हैं।

तुला के 10वें भाव में — करियर और सार्वजनिक प्रतिष्ठा में महत्वपूर्ण बदलाव; नया पेशेवर अध्याय।

वृश्चिक (Scorpio)

2028 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक के 9वें भाव में — दार्शनिक विश्वास, उच्च शिक्षा या विदेश योजनाएं पुनर्निर्देशित।

धनु के 8वें भाव में — साझा वित्त, अंतरंगता और छिपे भावनात्मक पैटर्न का गहरा परिवर्तन।

मकर के 7वें भाव में — मुख्य साझेदारी चक्र समाप्त या नवीनीकृत; सभी संबंधों में स्पष्टता।

कुंभ के 6वें भाव में — स्वास्थ्य दिनचर्या, कार्य आदतें और सेवा प्रतिबद्धताएं पुनर्गठित।

मीन के 5वें भाव में — रचनात्मक अभिव्यक्ति, रोमांस और बच्चों के साथ संबंध का सुंदर पुनर्निर्माण।

FAQ — सूर्य ग्रहण 2028

प्र.2028 में सूर्य ग्रहण कब है?

2028 में 2 सूर्य ग्रहण हैं: 26 जनवरी 2028 और 22 जुलाई 2028।

प्र.2028 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा क्या?

26 जनवरी 2028: इक्वाडोर, पेरू, ब्राज़ील और दक्षिणी अटलांटिक में वलयाकार ग्रहण दृश्य। भारत में दृश्य नहीं। 22 जुलाई 2028: ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, दक्षिणी इंडोनेशिया। भारत में दृश्य नहीं।

प्र.सूर्य ग्रहण में कौन सा मंत्र जपें?

सूर्य ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या सूर्य बीज मंत्र (ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः) का जाप करें।

प्र.सूर्य ग्रहण में खाना खा सकते हैं?

वैदिक परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान उपवास रखना चाहिए। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके भोजन करें।

प्र.सूतक काल क्या है?

सूर्य ग्रहण में सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है। इस दौरान शुभ कार्य, भोजन बनाना और पूजा से परहेज करें।