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सूर्य ग्रहण, वैदिक ज्योतिष

सूर्य ग्रहण 2027

2027 में सूर्य ग्रहण की तारीख, IST समय, भारत में दृश्यता, सूतक नियम और सभी 12 राशियों पर वैदिक ज्योतिष प्रभाव की संपूर्ण जानकारी।

अंतिम अपडेट: 20 मई 2026 · स्रोत: वैदिक पंचांग

वलयाकार सूर्य ग्रहण, 6 फरवरी 2027

6 फरवरी 2027 का वलयाकार सूर्य ग्रहण मकर राशि के श्रवण नक्षत्र में होता है। वलयाकार ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के केंद्र को ढककर "अग्नि की अंगूठी" बनाता है। वैदिक ज्योतिष में यह मकर ग्रहण करियर, महत्वाकांक्षा, अनुशासन, सरकार और दीर्घकालीन संरचनात्मक परिवर्तन, शनि-शासित मकर के लक्षण, को सक्रिय करता है।

तारीख

6 फरवरी 2027

समय (IST)

UTC 14:02–18:24 (IST 19:32–23:54)

प्रकार

वलयाकार

राशि

मकर

नक्षत्र

Shravana

अवधि

4 hours 22 minutes (partial phases)

दृश्यता

वलयाकार पथ दक्षिण अमेरिका (चिली, अर्जेंटीना) और दक्षिण अटलांटिक में। भारत में दृश्य नहीं।

वैदिक महत्व

मकर राशि में श्रवण नक्षत्र (चंद्रमा शासित) में वलयाकार सूर्य ग्रहण। श्रवण श्रवण, सीखना और दिव्य ज्ञान प्राप्त करना, ग्रहण यहां स्पष्ट मार्गदर्शन में बाधा डालता है। शनि-शासित मकर में यह ग्रहण अगले 6–18 महीनों के लिए करियर, सरकार, संस्थाओं और दीर्घकालीन लक्ष्यों में रूपांतरण का बीज बोता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • सूर्य बीज मंत्र "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" का जाप करें
  • दीर्घकालीन लक्ष्यों और जीवन में आवश्यक संरचनात्मक परिवर्तनों का ध्यान करें
  • ग्रहण के दौरान उपवास रखें; शनि के लिए तिल, काली वस्तुएं या लोहा दान करें
  • करियर योजनाओं की समीक्षा करें, क्या पुनर्संरचना आवश्यक है?
  • ग्रहण के बाद स्नान करें और शनि के लिए तिल के तेल का दीपक जलाएं
  • ग्रहण से पहले या बाद में शिव या शनि मंदिर जाएं

न करें

  • ग्रहण के दौरान नए करियर उद्यम, नौकरी परिवर्तन या व्यापार शुरू न करें
  • सरकारी अनुबंध या कानूनी समझौतों पर हस्ताक्षर न करें
  • संपत्ति या व्यापार पुनर्संरचना जैसे बड़े संरचनात्मक निर्णय न लें
  • ग्रहण के दौरान प्राधिकरण या सरकारी संस्थाओं को चुनौती न दें
  • बिना प्रमाणित ग्रहण चश्मे के वलयाकार ग्रहण न देखें
  • ग्रहण काल में नई दीर्घकालीन प्रतिबद्धताएं शुरू न करें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष राशि के 10वें भाव में, करियर और सार्वजनिक प्रतिष्ठा में गहरे बदलाव का बीज। नया करियर अध्याय शुरू।

वृष राशि के 9वें भाव में, आस्थाएं, उच्च शिक्षा और आध्यात्मिक गुरु रूपांतरण में।

मिथुन राशि के 8वें भाव में, गहरा रूपांतरण और साझा वित्त सक्रिय।

कर्क राशि के 7वें भाव में, साझेदारी और विवाह निर्णायक ग्रहण ऊर्जा में।

सिंह राशि के 6वें भाव में, स्वास्थ्य दिनचर्या और कार्य संरचना सक्रिय।

कन्या राशि के 5वें भाव में, रचनात्मकता और प्रेम ग्रहण प्रकाश में।

तुला राशि के 4थे भाव में, घर और पारिवारिक नींव रूपांतरित।

वृश्चिक (Scorpio)

2027 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक राशि के 3रे भाव में, संचार और लेखन नए आयाम में।

धनु राशि के 2रे भाव में, वित्तीय नींव और व्यक्तिगत मूल्यों में बदलाव।

मकर राशि के 1ले भाव में, सबसे शक्तिशाली स्थान। पहचान और महत्वाकांक्षा में नया चक्र।

कुंभ राशि के 12वें भाव में, आध्यात्मिक साधना और कर्मिक समापन सक्रिय।

मीन राशि के 11वें भाव में, सामाजिक नेटवर्क और दीर्घकालीन लक्ष्य रूपांतरित।

पूर्ण सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त 2027

महान अफ्रीकी ग्रहण, कर्क राशि, आश्लेषा नक्षत्र में सदी-परिभाषित पूर्ण सूर्य ग्रहण। 6+ मिनट की पूर्णता के साथ, भावनात्मक सुरक्षा और पैतृक उपचार में गहरा बदलाव।

तारीख

2 अगस्त 2027

समय (IST)

10:07 UTC

प्रकार

पूर्ण

राशि

कर्क

नक्षत्र

Ashlesha

अवधि

6m 23s (totality)

दृश्यता

महान अफ्रीकी ग्रहण, मोरक्को, स्पेन, अल्जीरिया, मिस्र, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया में पूर्ण ग्रहण। 6 मिनट 23 सेकंड, सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक।

वैदिक महत्व

सूर्य-चंद्र आश्लेषा (नाग देवता) नक्षत्र, कर्क राशि में, कुंडलिनी ऊर्जा, मानसिक गहराई और पैतृक कर्म का नक्षत्र। दुर्लभ लंबा ग्रहण गहरे उपचार और पुराने भावनात्मक अनुबंधों के विघटन को सक्रिय करता है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

करें

  • पितृ तर्पण और गहरे पैतृक उपचार अनुष्ठान करें
  • विरासत में मिले भावनात्मक पैटर्न को छोड़ने पर ध्यान दें
  • छाया एकीकरण के लिए चंद्र और राहु मंत्रों का जाप करें
  • भावनात्मक सुरक्षा के लिए शक्तिशाली संकल्प लें

न करें

  • प्रमाणित ग्रहण चश्मे के बिना पूर्ण ग्रहण कभी न देखें
  • ग्रहण के दौरान नई भावनात्मक प्रतिबद्धताएं न शुरू करें
  • परिवार या संपत्ति के बड़े निर्णय आवेश में न लें
  • ग्रहण काल में भोजन या जल ग्रहण न करें

सभी 12 राशियों पर प्रभाव

मेष के 4थे भाव में, घर और भावनात्मक नींव में 18-वर्षीय नए चक्र का बीज।

वृष के 3रे भाव में, संचार और भाई-बहन संबंध नए अध्याय में।

मिथुन के 2रे भाव में, वित्त और आत्म-मूल्य में नया प्रतिमान।

कर्क के 1ले भाव में, सबसे रूपांतरकारी स्थान; नई पहचान और जीवन अध्याय।

सिंह के 12वें भाव में, आध्यात्मिक जागृति और कर्मिक समापन शक्तिशाली रूप से सक्रिय।

कन्या के 11वें भाव में, नया सामाजिक नेटवर्क और दीर्घकालीन आकांक्षाएं।

तुला के 10वें भाव में, करियर और जीवन मिशन नए गहरे अध्याय में।

वृश्चिक (Scorpio)

2027 ग्रहण गाइड →

वृश्चिक के 9वें भाव में, उच्च शिक्षा और आध्यात्मिक गुरु गहराई से रूपांतरित।

धनु के 8वें भाव में, गहरा रूपांतरण और साझा संसाधन शक्तिशाली रूप से सक्रिय।

मकर के 7वें भाव में, साझेदारी 18-वर्षीय नए विकास चक्र में।

कुंभ के 6वें भाव में, स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या नए रूपांतरकारी चक्र में।

मीन के 5वें भाव में, रचनात्मकता, प्रेम और आनंद शक्तिशाली नए अध्याय में।

FAQ, सूर्य ग्रहण 2027

प्र.2027 में सूर्य ग्रहण कब है?

2027 में 2 सूर्य ग्रहण हैं: 6 फरवरी 2027 और 2 अगस्त 2027।

प्र.2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा क्या?

6 फरवरी 2027: वलयाकार पथ दक्षिण अमेरिका (चिली, अर्जेंटीना) और दक्षिण अटलांटिक में। भारत में दृश्य नहीं। 2 अगस्त 2027: महान अफ्रीकी ग्रहण, मोरक्को, स्पेन, अल्जीरिया, मिस्र, सऊदी अरब, यमन और सोमालिया में पूर्ण ग्रहण। 6 मिनट 23 सेकंड, सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक।

प्र.सूर्य ग्रहण में कौन सा मंत्र जपें?

सूर्य ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या सूर्य बीज मंत्र (ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः) का जाप करें।

प्र.सूर्य ग्रहण में खाना खा सकते हैं?

वैदिक परंपरा के अनुसार ग्रहण के दौरान उपवास रखना चाहिए। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके भोजन करें।

प्र.सूतक काल क्या है?

सूर्य ग्रहण में सूतक ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है। इस दौरान शुभ कार्य, भोजन बनाना और पूजा से परहेज करें।