जल स्रोतों के लिए वास्तु: फव्वारे, कुएं, स्विमिंग पूल और बोरिंग
संक्षिप्त उत्तर
सभी जल स्रोत — फव्वारे, कुएं, भूमिगत बोरिंग और जल सुविधाएं — उत्तर या उत्तर-पूर्व क्षेत्र में होनी चाहिए।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा
## जल स्रोतों के लिए वास्तु
*उत्तर और उत्तर-पूर्व — जल क्षेत्र:** सभी जल स्रोत यहां होने चाहिए।
*फव्वारे:** उत्तर या उत्तर-पूर्व में — बहता पानी कुबेर ऊर्जा को सक्रिय करता है।
*कुएं और बोरिंग:** उत्तर या उत्तर-पूर्व में — दक्षिण-पश्चिम में कभी नहीं।
*ओवरहेड टैंक (अपवाद):** दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम में — भार यहां लाभकारी है।
मुख्य वास्तु टिप्स
- ✓सभी जल स्रोत उत्तर या उत्तर-पूर्व में रखें
- ✓दक्षिण-पश्चिम में पानी आर्थिक हानि का कारण
- ✓फव्वारे का पानी हमेशा साफ और बहता हुआ होना चाहिए
- ✓बोरवेल उत्तर या उत्तर-पूर्व में
FAQ — जल स्रोतों के लिए वास्तु — फव्वारे, कुएं और बोरिंग दिशा नियम
प्र.फव्वारा कहाँ रखना चाहिए?
उत्तर या उत्तर-पूर्व में — कुबेर ऊर्जा को सक्रिय करता है।
प्र.बोरवेल किस दिशा में होना चाहिए?
उत्तर या उत्तर-पूर्व में।