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नए घर में प्रवेश वास्तु: सकारात्मक ऊर्जा के लिए पहले दिन के अनुष्ठान

संक्षिप्त उत्तर

नए घर में पहले दिन, मुख्य दरवाजे से दाहिने पैर से पहले प्रवेश करें। पहली वस्तुओं के रूप में कच्चे चावल, सिक्के, जलता दीया और गणेश की तस्वीर लाएं।

अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा

## नए घर में पहला दिन: वास्तु में यह क्यों महत्वपूर्ण है

वास्तु शास्त्र में नए घर का पहला दिन **गृहप्रवेश** कहलाता है और एक पवित्र दहलीज क्षण के रूप में माना जाता है।

## घर में प्रवेश: पहले दाहिना पैर

हमेशा **पहले दाहिने पैर** से नए घर में कदम रखें। दाहिनी ओर सकारात्मक सौर ऊर्जा और शुभता से जुड़ी है।

## नए घर में पहले क्या लाएं

1. **गणेश मूर्ति या तस्वीर** — तुरंत उत्तर-पूर्व में रखें 2. **कच्चे चावल (अक्षत)** — दहलीज और रसोई में छिड़कें 3. **सिक्के** — प्रवेश द्वार की चटाई के नीचे या प्रत्येक कमरे के उत्तर-पूर्व कोने में रखें 4. **जलता दीया (तेल का दीपक)** — बाहर से घर के अंदर ले जाएं

मुख्य वास्तु टिप्स

  • पहले दाहिने पैर से नए घर में प्रवेश करें — सभी परिवार के सदस्य, घर के मुखिया से शुरुआत
  • घर में पहली वस्तुओं के रूप में गणेश मूर्ति, कच्चे चावल, जलता दीया और सिक्के लाएं
  • पहले पूजा कक्ष (NE) या रसोई में जाएं — रसोई में दूध उबालें जब तक वह छलके नहीं
  • मुख्य प्रवेश द्वार की चटाई के नीचे 5, 7 या 11 सिक्के रखें
  • हर कमरे के उत्तर-पूर्व कोने में कच्चे चावल छिड़कें

FAQ — नए घर में प्रवेश वास्तु — पहले दिन के अनुष्ठान, सिक्के, चावल और पहला कमरा

प्र.वास्तु के अनुसार नए घर में किस पैर से प्रवेश करना चाहिए?

वास्तु के अनुसार नए घर में हमेशा पहले दाहिने पैर से प्रवेश करना चाहिए। दाहिनी ओर सौर ऊर्जा चैनल से जुड़ी है और शुभ मानी जाती है।

प्र.नए घर में प्रवेश के पहले दिन क्या लाना चाहिए?

वास्तु के अनुसार नए घर में लाने वाली पहली वस्तुएं हैं: गणेश मूर्ति, कच्चे चावल या नमक, जलता तेल का दीपक, सिक्के और तांबे के बर्तन में पानी।

प्र.नए घर में दूध को क्यों तब तक उबालते हैं जब तक वह छलक न जाए?

दूध को छलकने तक उबालना एक पारंपरिक वास्तु अनुष्ठान है जो यह प्रतीक करता है कि नए घर में समृद्धि उसी तरह छलकेगी जैसे दूध छलकता है।

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