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लॉकर रूम और स्ट्रांग रूम वास्तु: स्थान, दरवाज़ा दिशा और धन नियम

संक्षिप्त उत्तर

समर्पित लॉकर कक्ष या स्ट्रांग रूम के लिए आदर्श वास्तु स्थान भवन का दक्षिण-पश्चिम है। कमरे का दरवाज़ा उत्तर की ओर खुलना चाहिए।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वास्तु शास्त्र परंपरा

## लॉकर रूम और स्ट्रांग रूम वास्तु

समर्पित लॉकर कक्ष या स्ट्रांग रूम का उपयोग कीमती वस्तुएँ — नकदी, सोना, दस्तावेज़ — संग्रहीत करने के लिए किया जाता है।

### आदर्श स्थान: दक्षिण-पश्चिम

दक्षिण-पश्चिम स्ट्रांग रूम के लिए सबसे अच्छा स्थान है क्योंकि: - SW **पृथ्वी तत्व क्षेत्र** है — स्थिर, जमीन से जुड़ा और संचय करने वाला - यह वास्तु में **धन संचय क्षेत्र** है

### दरवाज़ा दिशा नियम

स्ट्रांग रूम का दरवाज़ा उत्तर की ओर खुलना चाहिए:

- जब आप कमरे में प्रवेश करके उत्तर की ओर मुँह करते हैं, तो आप कुबेर की दिशा में होते हैं

- दक्षिण की ओर खुलने वाले दरवाज़े से बचें

### कमरे के भीतर तिजोरी और लॉकर की स्थिति

- मुख्य तिजोरी/लॉकर को स्ट्रांग रूम के **दक्षिण या SW कोने** में रखें - तिजोरी का दरवाज़ा **उत्तर या पूर्व** की ओर खुले

मुख्य वास्तु टिप्स

  • समर्पित लॉकर कक्ष या स्ट्रांग रूम को भवन के दक्षिण-पश्चिम में रखें।
  • स्ट्रांग रूम का दरवाज़ा उत्तर की ओर खुलना चाहिए।
  • कमरे के भीतर तिजोरी दक्षिण या SW कोने में, उत्तर या पूर्व की ओर खुलती हुई।
  • उत्तर या पूर्व दीवार से पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
  • स्ट्रांग रूम की उत्तर दीवार पर तांबे का कुबेर यंत्र लगाएँ।
  • स्ट्रांग रूम को साफ और बेकार वस्तुओं से मुक्त रखें।

FAQ — लॉकर रूम और स्ट्रांग रूम वास्तु: दक्षिण-पश्चिम, उत्तर खुलने वाला दरवाज़ा

प्र.वास्तु में लॉकर कक्ष या स्ट्रांग रूम कहाँ रखना चाहिए?

दक्षिण-पश्चिम समर्पित स्ट्रांग रूम के लिए आदर्श स्थान है।

प्र.स्ट्रांग रूम का दरवाज़ा किस दिशा में खुलना चाहिए?

स्ट्रांग रूम का दरवाज़ा उत्तर की ओर खुलना चाहिए।

प्र.वास्तु स्ट्रांग रूम में वेंटिलेशन महत्वपूर्ण क्यों है?

वेंटिलेशन संग्रहीत धन की ऊर्जा को प्रसारित और जीवंत रखता है।

प्र.वास्तु में स्ट्रांग रूम में धन के लिए क्या रखना चाहिए?

उत्तर दीवार पर तांबे का कुबेर यंत्र या श्री यंत्र, तिजोरी के पास छोटी गणेश मूर्ति, और लाल कपड़े में सोने/तांबे के सिक्के।

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