अंग स्पंदन
घर से निकलते समय छींक आना — शकुन शास्त्र
Sneezing Before Leaving Home
संक्षिप्त उत्तर
वैदिक शकुन शास्त्र में घर से निकलते समय छींक आना अशुभ माना जाता है — यह यात्रा के उद्देश्य में बाधा, व्यवधान या विफलता का संकेत देता है। पारंपरिक उपाय है कि कुछ मिनट प्रतीक्षा करें।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित
इसका क्या अर्थ है?
घर से निकलते समय छींक (छींक) भारत में सबसे अधिक देखे जाने वाले शकुन संकेतों में से एक है।
शास्त्रीय व्याख्या: प्रस्थान के समय छींक एक दिव्य संकेत है कि इच्छित उद्देश्य के लिए समय अशुभ है। यह रुकने और पुनर्विचार करने का निमंत्रण है।
अपवाद: यदि आप छींकते हैं और फिर तुरंत फिर से छींकते हैं, तो दूसरी छींक अशुभ प्रभाव को निष्क्रिय कर देती है और यात्रा जारी रह सकती है।
उपाय
- 1.छींक के बाद घर छोड़ने से पहले 5-10 मिनट प्रतीक्षा करें
- 2.आगे बढ़ने से पहले एक गिलास पानी पिएं
- 3.बैठ जाएं और "ॐ गणाधिपतये नमः" 3 बार जपें फिर निकलें
सामान्य प्रश्न
प्र.क्या घर से निकलते समय छींक आना हमेशा बुरा होता है?
प्रस्थान के क्षण में छींक अशुभ रूप है। महत्वपूर्ण क्षण है दहलीज़ पार करना। घर के अंदर या कुछ दूरी तय करने के बाद छींकना अलग और कम महत्व रखता है।
प्र.अगर लगातार दो बार छींक आए तो क्या होगा?
लगातार दो छींकें आना अशुभ प्रभाव को निष्क्रिय माना जाता है — दूसरी छींक पहली को रद्द करती है। कुछ परंपराओं में प्रस्थान पर दोहरी छींक हल्की शुभ भी मानी जाती है।