शकुन शास्त्र, सामान्य प्रश्न
घर से निकलने से पहले छींक आना क्या मतलब है?
संक्षिप्त उत्तर
यह शकुन वैदिक शकुन शास्त्र में अशुभ माना जाता है। घर से निकलने से पहले छींक आना भारतीय घरों में सबसे आम यात्रा शकुनों में से एक है। छींकने के बाद बाहर निकलने से पहले रुकने की भारतीय सांस्कृतिक प्रथा की जड़ें यात्रा शकुन परंपरा में हैं।
अंतिम अपडेट: 30 अप्रैल 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित
विस्तृत व्याख्या
घर से निकलने से पहले छींक आना भारतीय घरों में सबसे आम यात्रा शकुनों में से एक है। छींकने के बाद बाहर निकलने से पहले रुकने की भारतीय सांस्कृतिक प्रथा की जड़ें यात्रा शकुन परंपरा में हैं।
छींकों की संख्या: एक छींक = अशुभ। दो छींकें = शुभ। तीन या अधिक = मिश्रित।
उपाय: बाहर निकलने से पहले एक गिलास पानी पिएं। थोड़ा गुड़ या चीनी खाएं। 108 की गिनती प्रतीक्षा करें। एक बार "ॐ गं गणपतये नमः" जपें।
उपाय
एक छींक के लिए: पानी पिएं, गुड़ या चीनी खाएं, 108 की गिनती प्रतीक्षा करें, किसी और को पहले बाहर जाने दें, एक बार "ॐ गं गणपतये नमः" जपें।
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सामान्य प्रश्न
प्र.भारतीय छींकने के बाद बाहर निकलने से पहले क्यों रुकते हैं?
यह प्रथा शास्त्रीय यात्रा शकुन में निहित है, प्रस्थान से पहले एक छींक एक संभावित बाधा का संकेत देती है। रुकना अशुभ ऊर्जा को गुजरने देता है।
प्र.क्या बाहर जाने से पहले दो छींकें शुभ हैं?
हां, लगातार दो छींकें शकुन शास्त्र में शुभ मानी जाती हैं। दूसरी छींक पहली की चेतावनी को निष्क्रिय करती है।