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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIगुरुवार, 30 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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शकुन शास्त्र, सामान्य प्रश्न

कौवे का सिर पर बैठना क्या मतलब है?

संक्षिप्त उत्तर

यह शकुन वैदिक शकुन शास्त्र में अशुभ माना जाता है। कौवे का सिर पर बैठना वैदिक शकुन शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण शकुनों में से एक है, जो पक्षी शकुन के अंतर्गत आता है। वैदिक परंपरा में कौवे को शनि के वाहन और पूर्वजों (पितरों) के संदेशवाहक के रूप में माना जाता है।

अंतिम अपडेट: 30 अप्रैल 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित

विस्तृत व्याख्या

कौवे का सिर पर बैठना वैदिक शकुन शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण शकुनों में से एक है, जो पक्षी शकुन के अंतर्गत आता है। वैदिक परंपरा में कौवे को शनि के वाहन और पूर्वजों (पितरों) के संदेशवाहक के रूप में माना जाता है।

शास्त्रीय व्याख्या: सिर पर कौवे का बैठना परंपरागत रूप से अशुभ माना जाता है और इसे आपके पूर्वजों (पितरों) के एक तत्काल संदेश के रूप में व्याख्यायित किया जाता है कि उन्हें ध्यान देने की आवश्यकता है।

उपाय: काक बलि करें, कौवों को पका हुआ चावल और तिल अर्पित करें। उस दिन मंदिर जाएं। एक सप्ताह के लिए सूर्य तर्पण करें। यदि हाल ही में पितृ पक्ष उचित अनुष्ठानों के बिना बीत गया है, तो श्राद्ध समारोह की व्यवस्था करें।

उपाय

काक बलि करें (कौवों को पका चावल और तिल दें)। उस दिन मंदिर जाएं। एक सप्ताह के लिए प्रतिदिन सूर्य तर्पण करें। यदि पितृ पक्ष अनुष्ठान छूट गए हों तो श्राद्ध का आयोजन करें।

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सामान्य प्रश्न

प्र.क्या कौवे का सिर पर बैठना दुर्भाग्यपूर्ण है?

हां, वैदिक शकुन शास्त्र में सिर पर सीधे बैठने वाले कौवे को एक मजबूत अशुभ शकुन माना जाता है, जिसे अक्सर अनुष्ठान ध्यान की आवश्यकता वाले पूर्वजों के तत्काल संदेश के रूप में व्याख्यायित किया जाता है।

प्र.क्या कौवे का सिर पर बैठना मृत्यु की भविष्यवाणी करता है?

शास्त्रीय शकुन ग्रंथ इस शकुन से विशेष रूप से मृत्यु की भविष्यवाणी नहीं करते। यह सबसे आम तौर पर पितृ ध्यान की आवश्यकता का संकेत है।