अमावस्या की रात यात्रा शुरू करना
Starting a Journey on New Moon Night
प्रकार
महत्वअशुभ
संक्षिप्त उत्तर
अमावस्या की रात यात्रा शुरू करना अत्यंत अशुभ है, पितृ ऊर्जाएं सक्रिय होती हैं और यात्रा से बचना सबसे अच्छा है।
अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित
इसका क्या अर्थ है?
अमावस्या पितृ ऊर्जाओं के सबसे सक्रिय होने से जुड़ी है
इस रात की यात्रा बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुठभेड़ को आमंत्रित करती है
चांदनी का अभाव भी व्यावहारिक और आध्यात्मिक अंधकार पैदा करता है
महत्वपूर्ण यात्राएं कम से कम अगले दिन तक टाली जानी चाहिए
उपाय
- 1.यदि बिल्कुल संभव हो तो यात्रा अगले दिन के लिए टालें
- 2.किसी भी अपरिहार्य अमावस्या यात्रा से पहले पितृ तर्पण करें
- 3.सुरक्षात्मक ताबीज ले जाएं और हनुमान मंत्र जपें
सामान्य प्रश्न
प्र.अमावस्या की रात यात्रा बुरी है?
हाँ, अत्यंत अशुभ। यदि संभव हो तो टालें या पितृ तर्पण करें।
प्र.अमावस्या यात्रा के लिए बुरी क्यों है?
पितृ ऊर्जाएं सबसे सक्रिय होती हैं और रात का अंधकार आध्यात्मिक अंधकार बनाता है।