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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

प्राकृतिक शकुन

प्रार्थना के दौरान दीपक बुझना

Lamp Extinguished During Prayer

प्रकारप्राकृतिक शकुन
महत्वअशुभ

संक्षिप्त उत्तर

प्रार्थना के दौरान तेल का दीपक अप्रत्याशित रूप से बुझना एक अशुभ संकेत है जिसके लिए पुनः जलाने और सुरक्षात्मक मंत्रों की आवश्यकता है।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित

इसका क्या अर्थ है?

पूजा के दौरान दीपक बुझना दैवीय संबंध के टूटने या नकारात्मक ऊर्जा हस्तक्षेप का संकेत देता है।

देवता की कृपा अवरुद्ध हो सकती है, शुद्धि आवश्यक है।

उचित बाती और तेल के बावजूद बार-बार बुझना अधिक मजबूत नकारात्मक उपस्थिति का संकेत दे सकता है।

उपाय

  • 1.तुरंत एक नई माचिस से दीपक को पुनः जलाएं।
  • 2.पुनः जलाने से पहले पूजा स्थान के चारों ओर गंगाजल छिड़कें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
  • 3.पूर्ण शुद्धि के लिए पूजा कक्ष में कपूर जलाएं।

सामान्य प्रश्न

प्र.यदि पूजा के दौरान दीपक बुझ जाए तो क्या करें?

यह अशुभ है। तुरंत पुनः जलाएं, गंगाजल छिड़कें, ॐ नमः शिवाय जपें और ध्यान के साथ जारी रखें।

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