पशु शकुन
रात को कुत्ते का रोना — शकुन शास्त्र
Dog Howling at Night
संक्षिप्त उत्तर
वैदिक शकुन शास्त्र में रात को कुत्ते का रोना एक गंभीर अशुभ शकुन है — कुत्ते अदृश्य आत्माओं, मृत्यु-ऊर्जा और यमराज के आगमन के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित
इसका क्या अर्थ है?
कुत्ता वैदिक परंपरा में भैरव और यमराज से जुड़ा है। कुत्तों को इन ऊर्जाओं को मनुष्यों से पहले महसूस करने में सक्षम माना जाता है।
रात को कुत्ते का रोना — विशेष रूप से आधी रात को — सबसे गंभीर अशुभ शकुन संकेतों में से एक है। रोने को यमदूतों के आगमन या किसी न जाने वाली आत्मा के रूप में व्याख्यायित किया जाता है।
उपाय
- 1.शनिवार की रात मुख्य द्वार पर सरसों तेल का दीपक जलाएं
- 2."ॐ भैरवाय नमः" 108 बार दक्षिण-पश्चिम दिशा में जपें
- 3.मुख्य द्वार के ऊपर घोड़े की नाल लगाएं
- 4.3 लगातार शनिवार को काले कुत्तों को रोटी खिलाएं
सामान्य प्रश्न
प्र.हिंदू मान्यता के अनुसार कुत्ते रात को क्यों रोते हैं?
हिंदू मान्यता में कुत्तों की छठी इंद्रिय होती है — वे यमदूतों, अतृप्त आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जा क्षेत्रों को महसूस कर सकते हैं जो मनुष्य नहीं देख सकते।
प्र.यदि मेरे घर के पास रोज कुत्ते रोते हैं, तो क्या कोई मरेगा?
जरूरी नहीं। शकुन कठिनाई की चेतावनी है, मृत्यु की निश्चित भविष्यवाणी नहीं। बीमारी, वित्तीय परेशानी या व्यवधान का संकेत हो सकता है। अनुशंसित उपाय करें।