पक्षी शकुन
घर पर कौवे का काँवाना — शकुन शास्त्र
Crow Cawing at Home
संक्षिप्त उत्तर
वैदिक शकुन शास्त्र में घर पर या उसके पास कौवे का काँवाना सबसे महत्वपूर्ण पक्षी शकुन है — कौवे पितृ आत्माओं के दूत माने जाते हैं। कौवे की दिशा, व्यवहार और दिन का समय यह निर्धारित करते हैं कि संकेत शुभ है या अशुभ।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · बृहत् संहिता और शास्त्रीय शकुन शास्त्र पर आधारित
इसका क्या अर्थ है?
कौवा (काक) वैदिक परंपरा में एक अनूठी स्थिति रखता है — यह शनि का वाहन और पितृ आत्माओं का दूत है।
शुभ कौवा संकेत: सुबह पूर्व दिशा से घर की ओर मुंह करके काँवाने वाला कौवा — मेहमान, खुशखबरी या किसी रिश्तेदार के आने का संकेत।
अशुभ कौवा संकेत: छत पर घबराया हुआ या परेशान कौवा — परिवार में आने वाली मुसीबत, बीमारी या अचानक समाचार का संकेत।
उपाय
- 1.यदि कौवे का शकुन अशुभ लगे: शनिवार को कौवों को पके चावल और तिल चढ़ाएं
- 2.शनिवार शाम मुख्य द्वार के पास तिल के तेल का दीपक जलाएं
- 3."ॐ शनैश्चराय नमः" 108 बार जपें और पीपल को जल अर्पित करें
- 4.पितृ संबंध के लिए: किसी भी अमावस्या पर पितृ तर्पण करें
सामान्य प्रश्न
प्र.सुबह-सुबह खिड़की के बाहर कौवे का काँवाना क्या दर्शाता है?
सूर्योदय से पहले या तुरंत बाद खिड़की के बाहर कौवे का काँवाना किसी दिवंगत पूर्वज या आने वाले आगंतुक का संदेश है। यदि शांत और सुरीला हो — सुखद आगमन या खुशखबरी की उम्मीद।
प्र.क्या सिर पर कौवे का बैठना बुरा शकुन है?
हाँ, शकुन शास्त्र में सिर पर कौवे का बैठना एक गंभीर अशुभ संकेत है। तुरंत स्नान करें, कपड़े बदलें, शांति पूजा करें और अगले तीन दिन बड़े निर्णयों से बचें।