9 मुखी · केतु · दुर्गा (नवदुर्गा)
नौ मुखी रुद्राक्ष – नवदुर्गा की शक्ति
9 Mukhi Rudraksha
संक्षिप्त उत्तर
नौ मुखी रुद्राक्ष नवदुर्गा के नौ स्वरूपों को समेटता है और केतु द्वारा शासित है। यह निर्भयता, आध्यात्मिक मोक्ष और केतु के कार्मिक चुनौतियों से राहत प्रदान करता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: शिव पुराण · पद्म पुराण
नौ मुखी रुद्राक्ष नवदुर्गा के नौ स्वरूपों को समेटता है और केतु द्वारा शासित है। केतु आध्यात्मिक मोक्ष, पूर्वजन्म कर्म, अलगाव और मानसिक शक्तियों से जुड़ा है। यह रुद्राक्ष केतु की उच्च ऊर्जाओं को मार्गदर्शित करता है। आध्यात्मिक पथ पर चलने वालों के लिए यह असाधारण है। यह अहंकार के विसर्जन को तेज करता है और गहरे ध्यान के द्वार खोलता है। दुर्गा की तीव्र सुरक्षात्मक ऊर्जा इसे नकारात्मक ऊर्जाओं के विरुद्ध उत्कृष्ट रक्षाकवच बनाती है।
नौ मुखी रुद्राक्ष के लाभ
- ✦निर्भयता और जीवन की गहरी चुनौतियों का सामना करने का साहस देता है
- ✦आध्यात्मिक विकास को तेज करता है और मोक्ष की ओर ले जाता है
- ✦केतु महादशा और उसके भ्रमकारी प्रभावों का शक्तिशाली उपाय है
- ✦नकारात्मक ऊर्जाओं और मानसिक नुकसान के विरुद्ध शक्तिशाली सुरक्षा प्रदान करता है
नौ मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करें
- दिन
- मंगलवार या शनिवार
- धातु
- चाँदी
- मंत्र
- ॐ ह्रीं हुं नमःOm Hreem Hum Namah
- मूल्य
- ₹500 – ₹4,000
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र.क्या नौ मुखी रुद्राक्ष केवल आध्यात्मिक लोगों के लिए है?
नहीं, यह भौतिक सुरक्षा, निर्भयता और केतु की उथल-पुथल से राहत भी देता है।
प्र.क्या नौ मुखी रुद्राक्ष काले जादू से बचाता है?
हाँ, इस रुद्राक्ष में समाई दुर्गा की तीव्र शक्ति नकारात्मक ऊर्जाओं और मानसिक आक्रमणों के विरुद्ध शक्तिशाली ढाल मानी जाती है।
प्र.नौ मुखी और आठ मुखी रुद्राक्ष में क्या अंतर है?
आठ मुखी राहु (भौतिकवाद, भ्रम) को संबोधित करता है और नौ मुखी केतु (आध्यात्मिक वैराग्य, पूर्वजन्म कर्म) को।