6 मुखी · शुक्र · कार्तिकेय (स्कंद)
छह मुखी रुद्राक्ष – कार्तिकेय और शुक्र की कृपा
6 Mukhi Rudraksha
संक्षिप्त उत्तर
छह मुखी रुद्राक्ष कार्तिकेय द्वारा आशीर्वादित और शुक्र द्वारा शासित है। यह सौंदर्य, रचनात्मकता, वैवाहिक सुख, भौतिक सुविधाएं और दृढ़ इच्छाशक्ति प्रदान करता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: शिव पुराण · पद्म पुराण
छह मुखी रुद्राक्ष षडानन कार्तिकेय का स्वरूप है और शुक्र द्वारा शासित है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य, कला, विलासिता और संबंधों का ग्रह है। कमजोर शुक्र वाले जातकों के लिए यह अत्यंत मूल्यवान है। यह वैवाहिक सुख, रचनात्मकता और भौतिक समृद्धि लाता है। कार्तिकेय से जुड़ाव के कारण यह असाधारण इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता प्रदान करता है। यह अनाहत चक्र को सक्रिय कर करुणा और सौंदर्यबोध बढ़ाता है।
छह मुखी रुद्राक्ष के लाभ
- ✦रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा और सौंदर्यबोध बढ़ाता है
- ✦संबंधों और वैवाहिक सौहार्द के लिए शुक्र को मजबूत करता है
- ✦इच्छाशक्ति, एकाग्रता और मानसिक शक्ति बढ़ाता है
- ✦भौतिक सुविधाएं, विलासिता और आर्थिक समृद्धि आकर्षित करता है
छह मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करें
- दिन
- शुक्रवार
- धातु
- चाँदी या सोना
- मंत्र
- ॐ ह्रीं हुं नमःOm Hreem Hum Namah
- मूल्य
- ₹200 – ₹1,500
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र.क्या छह मुखी रुद्राक्ष प्रेम और विवाह के लिए अच्छा है?
हाँ, शुक्र द्वारा शासित होने से यह प्रेम आकर्षित करने और वैवाहिक सौहार्द बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम रुद्राक्षों में से एक है।
प्र.क्या बच्चे छह मुखी रुद्राक्ष पहन सकते हैं?
हाँ, शास्त्रों में बच्चों के लिए इसकी अनुशंसा की गई है।
प्र.छह मुखी रुद्राक्ष किस तरफ पहनना चाहिए?
परंपरागत रूप से इसे दाईं बांह या गले में पहना जाता है।