12 मुखी · सूर्य · सूर्य (आदित्य / द्वादश स्वरूप)
बारह मुखी रुद्राक्ष – द्वादश सूर्यों का तेज
12 Mukhi Rudraksha
संक्षिप्त उत्तर
द्वादश आदित्य और सूर्य द्वारा शासित बारह मुखी रुद्राक्ष तेज, नेतृत्व अधिकार, यश और मध्याह्न सूर्य की जीवन शक्ति प्रदान करता है।
अंतिम अपडेट: 24 अप्रैल 2026 · स्रोत: शिव पुराण · पद्म पुराण
बारह मुखी रुद्राक्ष द्वादश आदित्यों का प्रतिनिधित्व करता है और मुख्य रूप से सूर्य द्वारा शासित है। बारह मुख सभी बारह दिशाओं में ऊर्जा विकिरित करते हैं। इसके प्राथमिक लाभ सौर गुणों से जुड़े हैं: तेज, अधिकार, करिश्मा, स्वास्थ्य और नेतृत्व। राजनेताओं, कॉर्पोरेट नेताओं और प्रशासकों के लिए यह विशेष रूप से उपयुक्त है। यह सहस्रार चक्र को मजबूत करता है और आभामंडल बढ़ाता है। कमजोर सूर्य का यह शक्तिशाली उपाय है। शास्त्रों में इसे उगते सूर्य की महिमा से तुलना की गई है।
बारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ
- ✦तेज, करिश्मा और स्वाभाविक नेतृत्व अधिकार प्रदान करता है
- ✦कमजोर या पीड़ित सूर्य वाले जातकों के लिए शक्तिशाली उपाय है
- ✦स्वास्थ्य, जीवन शक्ति बढ़ाता है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करता है
- ✦यश, मान्यता और उन्नति के अवसर आकर्षित करता है
बारह मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करें
- दिन
- रविवार
- धातु
- सोना
- मंत्र
- ॐ क्रौं स्रौं रौं नमःOm Kraum Sraum Raum Namah
- मूल्य
- ₹2,000 – ₹15,000
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र.सूर्य उपाय के लिए क्या बारह मुखी एक मुखी से बेहतर है?
एक मुखी अधिक शक्तिशाली माना जाता है लेकिन अत्यंत दुर्लभ और महंगा होने के कारण बारह मुखी अधिकांश लोगों के लिए व्यावहारिक सूर्य उपाय है।
प्र.क्या बारह मुखी रुद्राक्ष सरकारी मामलों में मदद करता है?
हाँ, सूर्य सरकार, अधिकार और कानून का कारक है। यह रुद्राक्ष अधिकारियों और सरकारी मामलों में सहायक हो सकता है।
प्र.बारह मुखी रुद्राक्ष कहाँ पहनना चाहिए?
आमतौर पर सोने में गले में पहना जाता है या दाईं बांह पर। कुछ ग्रंथों में इसे पूजा स्थान पर रखने की भी सलाह दी गई है।