भगवान विष्णु (सत्यनारायण) — पूजा मंत्र
सत्यनारायण पूजा मंत्र
सत्यनारायण पूजा के सभी मंत्र संस्कृत में अर्थ, उच्चारण और जप संख्या सहित।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा
सत्यनारायण पूजा के मंत्र
सत्यनारायण ध्यान मंत्र
108 बारॐ नमो भगवते वासुदेवाय
भगवान वासुदेव (विष्णु) को नमन।
विष्णु बीज मंत्र
108 बारॐ विष्णवे नमः
भगवान विष्णु को प्रणाम।
गायत्री मंत्र
108 बारॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
हम उस सर्वश्रेष्ठ, तेजस्वी परमात्मा का ध्यान करते हैं जो हमारी बुद्धि को प्रेरित करें।
मंत्र जप की सही विधि
• पूर्व या उत्तर दिशा में बैठकर जप करें।
• 108 मनकों की माला से संख्या गिनें।
• न बहुत तेज़, न बहुत धीमे — मध्यम गति से स्पष्ट उच्चारण करें।
• जप से पहले संकल्प (इरादा) स्थापित करें।
• यदि संभव हो तो एक बैठक में पूरी संख्या पूर्ण करें।
• ब्रह्म मुहूर्त (भोर 4–6 बजे) या पूजा के समय जप करने से अधिक लाभ होता है।
FAQ — सत्यनारायण पूजा मंत्र
प्र.सत्यनारायण पूजा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र कौन सा है?
सत्यनारायण पूजा का प्रमुख मंत्र है — सत्यनारायण ध्यान मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। इसे 108 बार जपें।
प्र.क्या नए लोग भी ये मंत्र जप सकते हैं?
हाँ, ये मंत्र सभी के लिए हैं। यदि संस्कृत उच्चारण कठिन लगे तो देवता का नाम सच्चे मन से जपना भी उतना ही प्रभावी है।
प्र.मंत्र मन में जपें या ज़ोर से?
दोनों प्रभावी हैं। पूजा में ज़ोर से जप (वाचिक जप) करें। मानसिक जप (मानसिक जप) सबसे शक्तिशाली माना जाता है।