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भगवान शिव (विश्वनाथ) और काशी क्षेत्र — पूजा विधि

काशी पूजा विधि

काशी पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में काशी पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान शिव (विश्वनाथ) और काशी क्षेत्र
अवधि2–3 घंटे
शुभ समयकार्तिक माह (विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा)

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

काशी पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    गंगा में स्नान करें (काशी न हों तो गंगाजल छिड़कें)

  2. 2

    सूर्य को जल और तिल अर्पित करें

  3. 3

    काशी विश्वनाथ वेदी स्थापित करें या दर्शन करें

  4. 4

    पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें

  5. 5

    बेल पत्र, धतूरा और अकंद के फूल चढ़ाएं

  6. 6

    शिव सहस्रनाम या काशी विश्वनाथ अष्टकम पढ़ें

  7. 7

    संध्या काल में गंगा आरती करें

  8. 8

    पितरों के लिए पिंड दान या तर्पण करें।

काशी पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

काशी पूजा के लाभ

अनेक जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है, पितरों को शांति मिलती है (पितृ तर्पण), आध्यात्मिक जागरण तीव्र होता है, सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं, दिव्य ज्ञान मिलता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

FAQ — काशी पूजा विधि

प्र.क्या काशी पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, काशी पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.काशी पूजा में कितना समय लगता है?

काशी पूजा में सामान्यतः 2–3 घंटे का समय लगता है।

प्र.क्या काशी पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

काशी पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.काशी पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

कार्तिक माह (विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा), महाशिवरात्रि, श्रावण सोमवार और पितृ पक्ष (पितृ अनुष्ठान के लिए)। ब्रह्म मुहूर्त (भोर) सबसे पवित्र समय है।