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भगवान गणेश — पूजा विधि

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ विधि

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में गणेश अथर्वशीर्ष पाठ करने की सही वैदिक विधि।

देवताभगवान गणेश
अवधि30–90 मिनट
शुभ समयगणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी सबसे शुभ हैं। बुधवार की सुबह और कोई भी नई शुरुआत आदर्श हैं।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    पाठ से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें

  2. 2

    स्वच्छ वेदी पर गणेश की मूर्ति स्थापित करें

  3. 3

    दूर्वा घास, लाल फूल और मोदक अर्पित करें

  4. 4

    गणेश ध्यान श्लोक से आरंभ करें

  5. 5

    गणपति अथर्वशीर्ष का 21 बार पाठ करें

  6. 6

    गणेश आरती से समापन करें।

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ के लाभ

जीवन और आध्यात्मिक साधना से सभी बाधाएं दूर होती हैं, तीक्ष्ण बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ती है, शिक्षा और व्यावसायिक प्रयासों में सफलता मिलती है, सच्ची इच्छाएं पूरी होती हैं और मन शुद्ध होता है।

FAQ — गणेश अथर्वशीर्ष पाठ विधि

प्र.क्या गणेश अथर्वशीर्ष पाठ घर पर की जा सकती है?

हाँ, गणेश अथर्वशीर्ष पाठ घर पर की जा सकती है।

प्र.गणेश अथर्वशीर्ष पाठ में कितना समय लगता है?

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ में सामान्यतः 30–90 मिनट का समय लगता है।

प्र.क्या गणेश अथर्वशीर्ष पाठ के लिए पंडित जरूरी है?

गणेश अथर्वशीर्ष पाठ परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.गणेश अथर्वशीर्ष पाठ का सबसे अच्छा समय क्या है?

गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी सबसे शुभ हैं। बुधवार की सुबह और कोई भी नई शुरुआत आदर्श हैं।