आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

चंद्र देव + शिव — पूजा विधि

चंद्र ग्रहण पूजा विधि

चंद्र ग्रहण पूजा की संपूर्ण चरण दर चरण विधि। घर पर या मंदिर में चंद्र ग्रहण पूजा करने की सही वैदिक विधि।

देवताचंद्र देव + शिव
अवधिसंपूर्ण ग्रहण रात्रि (सूतक से मोक्षोत्तर स्नान-दान तक)
शुभ समययह पूजा चंद्र ग्रहण के दिन और रात को की जाती है

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · स्रोत: वैदिक परंपरा

चंद्र ग्रहण पूजा — चरण दर चरण विधि

  1. 1

    चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक का पालन करें: उपवास रखें, भोजन न पकाएं, और संग्रहीत खाद्य-जल में तुलसी के पत्ते रखें

  2. 2

    ग्रहण काल में श्वेत चंदन या स्फटिक माला पर "ॐ सों सोमाय नमः" या "ॐ चंद्राय नमः" का जाप करें

  3. 3

    शिवलिंग पर श्वेत फूल, श्वेत चंदन, दूध और चावल चढ़ाकर चंद्र शांति पूजा करें

  4. 4

    मोक्ष के क्षण पर महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए पवित्र स्नान करें

  5. 5

    चांदी या तांबे के पात्र से दूध मिश्रित जल से चंद्रमा को अर्घ्य दें

  6. 6

    स्नान के बाद किसी ब्राह्मण को श्वेत चावल, सफेद कपड़ा, चांदी, दही, सफेद शक्कर और शंख का दान करें।

चंद्र ग्रहण पूजा के महत्वपूर्ण नियम

• पूजा से पहले स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।

• पूजा करते समय पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें।

• पूजा के दौरान मोबाइल और अन्य विकर्षण दूर रखें।

• मासिक धर्म के दौरान महिलाएं मुख्य अनुष्ठान में भाग न लें।

• एकाग्र और भक्तिपूर्ण मन से पूजा करें।

• एक बार शुरू की गई पूजा अधूरी न छोड़ें।

चंद्र ग्रहण पूजा के लाभ

चंद्र ग्रहण पूजा उस भावनात्मक उथल-पुथल और मानसिक अस्थिरता को शांत करती है जो चंद्र ग्रहण के दौरान बढ़ सकती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जिनकी जन्म कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो। ग्रहण के बाद पवित्र नदी में स्नान अत्यंत आध्यात्मिक पुण्य प्रदान करता है। ग्रहण काल में मंत्र जाप सामान्य समय की तुलना में कई गुना अधिक शक्तिशाली होता है। श्वेत वस्तुओं — सफेद कपड़ा, चावल, दूध, चांदी, दही — का दान चंद्रमा को प्रसन्न करता है।

FAQ — चंद्र ग्रहण पूजा विधि

प्र.क्या चंद्र ग्रहण पूजा घर पर की जा सकती है?

हाँ, चंद्र ग्रहण पूजा घर पर की जा सकती है।

प्र.चंद्र ग्रहण पूजा में कितना समय लगता है?

चंद्र ग्रहण पूजा में सामान्यतः संपूर्ण ग्रहण रात्रि (सूतक से मोक्षोत्तर स्नान-दान तक) का समय लगता है।

प्र.क्या चंद्र ग्रहण पूजा के लिए पंडित जरूरी है?

चंद्र ग्रहण पूजा परिवार के मुखिया द्वारा की जा सकती है, लेकिन जटिल अनुष्ठानों के लिए अनुभवी पंडित की सहायता लेना उचित है।

प्र.चंद्र ग्रहण पूजा का सबसे अच्छा समय क्या है?

यह पूजा चंद्र ग्रहण के दिन और रात को की जाती है, जो सदैव पूर्णिमा को होती है। ग्रहण मध्य मंत्र जाप के लिए और मोक्ष का समय पवित्र स्नान के लिए सर्वोत्तम है। आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पूर्णिमाओं — जैसे गुरु पूर्णिमा, शरद पूर्णिमा या कार्तिक पूर्णिमा — के चंद्र ग्रहण विशेष रूप से शुभ होते हैं।