ग्रह फल — ग्रह स्थिति परिणाम
सूर्य (Surya) वृषभ में 7वें भाव में
संक्षिप्त उत्तर
जब सूर्य (Surya) वृषभ (Vrishabha) में 7वें भाव (कलत्र भाव) में बैठता है, तो यह विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर को प्रभावित करता है। सूर्य शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। सूर्य अशुभ ग्रह के रूप में 7वें भाव (केंद्र) में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर पर शक्तिशाली लेकिन कभी-कभी कठिन प्रभाव डालता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय
ग्रह की दशा (Dignity)
सूर्य शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। राशि स्वामी Venus सूर्य के हितों के विरुद्ध कार्य करता है। परिणामों के लिए अतिरिक्त प्रयास आवश्यक है।
भाव फल
सूर्य अशुभ ग्रह के रूप में 7वें भाव (केंद्र) में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर पर शक्तिशाली लेकिन कभी-कभी कठिन प्रभाव डालता है।
कलत्र भाव
विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर
करियर और व्यवसाय
सूर्य वृषभ में 7वें भाव में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
विवाह और संबंध
सूर्य वृषभ में सप्तम भाव में विवाह और साझेदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थितियों में से एक है। जीवनसाथी मुखर हो सकते हैं या विवाह की गतिशीलता तीव्र हो सकती है।
स्वास्थ्य
सूर्य 7वें भाव में सामान्य स्वास्थ्य से स्वास्थ्य से संबंधित है। सूर्य का कारकत्व (आत्मा, पिता, अधिकार, सरकार, जीवन शक्ति) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।
उपाय
सूर्य की कठिन स्थितियों के लिए: सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें, आदित्य हृदयम का पाठ करें, परामर्श के बाद माणिक्य धारण करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।
सामान्य प्रश्न
प्र.वृषभ में 7वें भाव में सूर्य शुभ है या अशुभ?
सूर्य शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। परिणाम अन्य ग्रहों के पहलू, दशा काल और संपूर्ण कुंडली संतुलन पर निर्भर करता है।
प्र.7वें भाव में सूर्य कौन सा करियर देता है?
सूर्य वृषभ में 7वें भाव में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
सूर्य वृषभ में सप्तम भाव में विवाह और साझेदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थितियों में से एक है। जीवनसाथी मुखर हो सकते हैं या विवाह की गतिशीलता तीव्र हो सकती है।
प्र.वृषभ में 7वें भाव में सूर्य के उपाय क्या हैं?
सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें, आदित्य हृदयम का पाठ करें, परामर्श के बाद माणिक्य धारण करें।