ग्रह फल — ग्रह स्थिति परिणाम
शनि (Shani) कन्या में 12वें भाव में
संक्षिप्त उत्तर
जब शनि (Shani) कन्या (Kanya) में 12वें भाव (व्यय भाव) में बैठता है, तो यह हानि, खर्च, विदेश, मोक्ष, नींद, पैर को प्रभावित करता है। शनि मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। शनि 12वें भाव (दुःस्थान) में चुनौतियां लाता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय
ग्रह की दशा (Dignity)
शनि मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। राशि स्वामी Mercury शनि के लक्ष्यों का समर्थन करता है। परिणाम मध्यम सुगमता से आते हैं।
भाव फल
शनि 12वें भाव (दुःस्थान) में चुनौतियां लाता है। हानि, खर्च, विदेश, मोक्ष, नींद, पैर क्षेत्र में कठिनाइयां धैर्य और उपाय की मांग करती हैं।
व्यय भाव
हानि, खर्च, विदेश, मोक्ष, नींद, पैर
करियर और व्यवसाय
शनि कन्या में 12वें भाव में हानि, खर्च, विदेश, मोक्ष, नींद, पैर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
विवाह और संबंध
शनि 12वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य
शनि 12वें भाव में अस्पताल और छिपी बीमारियां से स्वास्थ्य से संबंधित है। शनि का कारकत्व (आयु, अनुशासन, सेवक, तेल, लोहा, दीर्घ रोग) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।
उपाय
शनि की कठिन स्थितियों के लिए: शनिवार को शनि मंत्र जपें, उचित परीक्षण के बाद नीलम धारण करें, बुजुर्गों की सेवा करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।
सामान्य प्रश्न
प्र.कन्या में 12वें भाव में शनि शुभ है या अशुभ?
शनि मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। परिणाम अन्य ग्रहों के पहलू, दशा काल और संपूर्ण कुंडली संतुलन पर निर्भर करता है।
प्र.12वें भाव में शनि कौन सा करियर देता है?
शनि कन्या में 12वें भाव में हानि, खर्च, विदेश, मोक्ष, नींद, पैर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
शनि 12वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.कन्या में 12वें भाव में शनि के उपाय क्या हैं?
शनिवार को शनि मंत्र जपें, उचित परीक्षण के बाद नीलम धारण करें, बुजुर्गों की सेवा करें।