ग्रह फल — ग्रह स्थिति परिणाम
मंगल (Mangal) कन्या में 3वें भाव में
संक्षिप्त उत्तर
जब मंगल (Mangal) कन्या (Kanya) में 3वें भाव (सहज भाव) में बैठता है, तो यह भाई-बहन, साहस, छोटी यात्रा, संचार, भुजाएं को प्रभावित करता है। मंगल शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। मंगल अशुभ ग्रह के रूप में 3वें भाव (उपचय) में समय के साथ सुधरता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय
ग्रह की दशा (Dignity)
मंगल शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। राशि स्वामी Mercury मंगल के हितों के विरुद्ध कार्य करता है। परिणामों के लिए अतिरिक्त प्रयास आवश्यक है।
भाव फल
मंगल अशुभ ग्रह के रूप में 3वें भाव (उपचय) में समय के साथ सुधरता है। भाई-बहन, साहस, छोटी यात्रा, संचार, भुजाएं में प्रारंभिक चुनौतियां परिपक्वता के साथ ताकत में बदल जाती हैं।
सहज भाव
भाई-बहन, साहस, छोटी यात्रा, संचार, भुजाएं
करियर और व्यवसाय
मंगल कन्या में 3वें भाव में भाई-बहन, साहस, छोटी यात्रा, संचार, भुजाएं के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
विवाह और संबंध
मंगल 3वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य
मंगल 3वें भाव में सामान्य स्वास्थ्य से स्वास्थ्य से संबंधित है। मंगल का कारकत्व (ऊर्जा, साहस, भाई, संपत्ति, शल्य चिकित्सा) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।
उपाय
मंगल की कठिन स्थितियों के लिए: मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें, लाल मूंगा धारण करें, मसूर दाल दान करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।
सामान्य प्रश्न
प्र.कन्या में 3वें भाव में मंगल शुभ है या अशुभ?
मंगल शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। परिणाम अन्य ग्रहों के पहलू, दशा काल और संपूर्ण कुंडली संतुलन पर निर्भर करता है।
प्र.3वें भाव में मंगल कौन सा करियर देता है?
मंगल कन्या में 3वें भाव में भाई-बहन, साहस, छोटी यात्रा, संचार, भुजाएं के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
मंगल 3वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.कन्या में 3वें भाव में मंगल के उपाय क्या हैं?
मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें, लाल मूंगा धारण करें, मसूर दाल दान करें।