ग्रह फल — ग्रह स्थिति परिणाम
गुरु (Guru) वृश्चिक में 6वें भाव में
संक्षिप्त उत्तर
जब गुरु (Guru) वृश्चिक (Vrishchika) में 6वें भाव (रिपु भाव) में बैठता है, तो यह शत्रु, रोग, ऋण, सेवा, मामा को प्रभावित करता है। गुरु मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। गुरु 6वें भाव (दुःस्थान) में चुनौतियां लाता है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय
ग्रह की दशा (Dignity)
गुरु मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। राशि स्वामी Mars गुरु के लक्ष्यों का समर्थन करता है। परिणाम मध्यम सुगमता से आते हैं।
भाव फल
गुरु 6वें भाव (दुःस्थान) में चुनौतियां लाता है। शत्रु, रोग, ऋण, सेवा, मामा क्षेत्र में कठिनाइयां धैर्य और उपाय की मांग करती हैं।
रिपु भाव
शत्रु, रोग, ऋण, सेवा, मामा
करियर और व्यवसाय
गुरु षष्ठ भाव में सेवा-उन्मुख करियर देता है। शुभ ग्रह यहां उपचार, परामर्श या सेवा के माध्यम से करियर संकेत देते हैं।
विवाह और संबंध
गुरु 6वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
स्वास्थ्य
गुरु 6वें भाव में रोग पैटर्न और प्रतिरोधक क्षमता से स्वास्थ्य से संबंधित है। गुरु का कारकत्व (ज्ञान, संतान, धर्म, धन, वसा) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।
उपाय
गुरु की कठिन स्थितियों के लिए: गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।
सामान्य प्रश्न
प्र.वृश्चिक में 6वें भाव में गुरु शुभ है या अशुभ?
गुरु मित्र राशि (मित्र क्षेत्र) में है। परिणाम अन्य ग्रहों के पहलू, दशा काल और संपूर्ण कुंडली संतुलन पर निर्भर करता है।
प्र.6वें भाव में गुरु कौन सा करियर देता है?
गुरु षष्ठ भाव में सेवा-उन्मुख करियर देता है। शुभ ग्रह यहां उपचार, परामर्श या सेवा के माध्यम से करियर संकेत देते हैं।
प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
गुरु 6वें भाव में रिश्तों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.वृश्चिक में 6वें भाव में गुरु के उपाय क्या हैं?
गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें।