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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

ग्रह फल, ग्रह स्थिति परिणाम

गुरु (Guru) मिथुन में 7वें भाव में

ग्रह गुरु (Guru)
राशि मिथुन (Gemini)
भाव सप्तम भाव
प्रकृति शुभ

संक्षिप्त उत्तर

जब गुरु (Guru) मिथुन (Mithuna) में 7वें भाव (कलत्र भाव) में बैठता है, तो यह विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर को प्रभावित करता है। गुरु शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। गुरु शुभ ग्रह के रूप में 7वें भाव (केंद्र या त्रिकोण) में मजबूत सकारात्मक परिणाम देता है, विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर।

अंतिम अपडेट: 13 जून 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय

ग्रह की दशा (Dignity)

गुरु शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। राशि स्वामी Mercury गुरु के हितों के विरुद्ध कार्य करता है। परिणामों के लिए अतिरिक्त प्रयास आवश्यक है।

भाव फल

गुरु शुभ ग्रह के रूप में 7वें भाव (केंद्र या त्रिकोण) में मजबूत सकारात्मक परिणाम देता है, विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर। यह गुरु की श्रेष्ठ भाव स्थितियों में से एक है।

कलत्र भाव

विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर

करियर और व्यवसाय

गुरु मिथुन में 7वें भाव में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।

विवाह और संबंध

गुरु मिथुन में सप्तम भाव में विवाह और साझेदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थितियों में से एक है। सहायक, सामंजस्यपूर्ण विवाह।

स्वास्थ्य

गुरु 7वें भाव में सामान्य स्वास्थ्य से स्वास्थ्य से संबंधित है। गुरु का कारकत्व (ज्ञान, संतान, धर्म, धन, वसा) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।

उपाय

गुरु की कठिन स्थितियों के लिए: गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।

सामान्य प्रश्न

प्र.मिथुन में 7वें भाव में गुरु शुभ है या अशुभ?

गुरु शत्रु राशि (शत्रु क्षेत्र) में है। यह सामान्यतः एक सकारात्मक स्थिति है।

प्र.7वें भाव में गुरु कौन सा करियर देता है?

गुरु मिथुन में 7वें भाव में विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी, व्यापार, निम्न उदर के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।

प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?

गुरु मिथुन में सप्तम भाव में विवाह और साझेदारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थितियों में से एक है। सहायक, सामंजस्यपूर्ण विवाह।

प्र.मिथुन में 7वें भाव में गुरु के उपाय क्या हैं?

गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें।

गुरु मिथुन में, अन्य भाव

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