ग्रह फल — ग्रह स्थिति परिणाम
गुरु (Guru) कुम्भ में 5वें भाव में
संक्षिप्त उत्तर
जब गुरु (Guru) कुम्भ (Kumbha) में 5वें भाव (पुत्र भाव) में बैठता है, तो यह संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट को प्रभावित करता है। गुरु तटस्थ राशि में है। गुरु शुभ ग्रह के रूप में 5वें भाव (केंद्र या त्रिकोण) में मजबूत सकारात्मक परिणाम देता है — संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, ग्रह फल अध्याय
ग्रह की दशा (Dignity)
गुरु तटस्थ राशि में है। राशि स्वामी Saturn न सहायता करता है न बाधा। परिणाम अन्य कुंडली कारकों पर निर्भर करते हैं।
भाव फल
गुरु शुभ ग्रह के रूप में 5वें भाव (केंद्र या त्रिकोण) में मजबूत सकारात्मक परिणाम देता है — संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट। यह गुरु की श्रेष्ठ भाव स्थितियों में से एक है।
पुत्र भाव
संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट
करियर और व्यवसाय
गुरु कुम्भ में 5वें भाव में संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
विवाह और संबंध
गुरु पंचम भाव में प्रेम और संतान को प्रभावित करता है। प्रेम जीवन समृद्ध और संतान से सुख।
स्वास्थ्य
गुरु 5वें भाव में सामान्य स्वास्थ्य से स्वास्थ्य से संबंधित है। गुरु का कारकत्व (ज्ञान, संतान, धर्म, धन, वसा) सबसे प्रभावित शरीर प्रणालियों का संकेत देता है।
उपाय
गुरु की कठिन स्थितियों के लिए: गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें। ये उपाय कठिन प्रभावों को कम करते हैं।
सामान्य प्रश्न
प्र.कुम्भ में 5वें भाव में गुरु शुभ है या अशुभ?
गुरु तटस्थ राशि में है। यह सामान्यतः एक सकारात्मक स्थिति है।
प्र.5वें भाव में गुरु कौन सा करियर देता है?
गुरु कुम्भ में 5वें भाव में संतान, बुद्धि, प्रेम, पूर्व पुण्य, पेट के माध्यम से करियर को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है।
प्र.यह विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
गुरु पंचम भाव में प्रेम और संतान को प्रभावित करता है। प्रेम जीवन समृद्ध और संतान से सुख।
प्र.कुम्भ में 5वें भाव में गुरु के उपाय क्या हैं?
गुरुवार को गुरु बीज मंत्र जपें, पुखराज धारण करें, हल्दी और पीला वस्त्र दान करें।